बिहार में बन रहे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का बदलेगा रूट, NHAI को भेजा गया प्रस्ताव, कई गांवों पर पड़ेगा असर
Raxaul Haldia Greenfield Expressway: बिहार के रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूट में बदलाव किया जा रहा है. रक्सौल में बनने वाले एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे की जमीन आपस में टकराने के कारण अलाइनमेंट में कुछ बदलाव किया गया है. इससे अब एक्सप्रेसवे सीधे इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) से जुड़ेगा.
Raxaul Haldia Greenfield Expressway: रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के शुरुआती रूट में एक बदलाव किया जा रहा है. रक्सौल में बनने वाले नए एयरपोर्ट और इस एक्सप्रेसवे के लिए तय की गई जमीन आपस में टकरा रही थी. इस समस्या को समय रहते दूर करने और दोनों ही महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाने के लिए एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट को बदलने का फैसला लिया गया है.
एजेंसी ने एनएचएआई को भेजा प्रस्ताव
रूट सर्वे के दौरान यह बात सामने आई थी कि रक्सौल ब्लॉक के किशनी, भरथारी, हरैया और चंदौली में एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे दोनों के लिए चुनी गई जमीन का कुछ हिस्सा एक-दूसरे के ऊपर आ रहा था. अगर इसी रूट पर काम आगे बढ़ता तो भविष्य में बड़ा कानूनी और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो सकता था. इसी पेंच को सुलझाने के लिए निर्माण से जुड़ी संबंधित एजेंसी ने एक नया प्रस्ताव और रूट मैप तैयार करके भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को मंजूरी के लिए भेज दिया है.
अब आईसीपी के पास से शुरू होगा एक्सप्रेसवे
नए तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, अब यह एक्सप्रेसवे रक्सौल एयरपोर्ट के ठीक पीछे से शुरू होने की बजाय इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) के पास से शुरू किया जा सकता है. इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक्सप्रेसवे को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले आईसीपी से सीधा संपर्क मिल जाएगा. इस बदलाव के साथ ही जयसिंहपुर, नगर और पंथी टोला के इलाकों में भी एक्सप्रेसवे के रूट में कुछ फेरबदल किए जाने की संभावना है.
56 गांवों में चल रहा है जमीन अधिग्रहण
लगभग 715 किलोमीटर लंबा यह रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार और पश्चिम बंगाल को आपस में जोड़ने वाला एक गेमचेंजर प्रोजेक्ट है. इसके बन जाने से राज्यों के बीच माल ढुलाई की रफ्तार बहुत बढ़ जाएगी और पड़ोसी देश नेपाल की सीमा से होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी फायदा मिलेगा. इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए फिलहाल पूर्वी चंपारण जिले के आठ अलग-अलग प्रखंडों के 56 गांवों में जमीन अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया काफी तेजी से चल रही है.
जमीन का विवाद हमेशा के लिए होगा खत्म
अलाइनमेंट में सुधार करने का फायदा यह होगा कि रक्सौल एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे के बीच होने वाला संभावित भूमि विवाद हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा. इसके अलावा, आईसीपी से डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलने के कारण मालगाड़ियों और भारी ट्रकों का परिवहन बहुत आसान हो जाएगा. रूट में अचानक हुए इस बदलाव के कारण चिन्हित किए गए नए इलाकों में दोबारा से जमीन का सर्वे करना होगा, भू-स्वामियों को नए सिरे से नोटिस भेजने होंगे और अन्य जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करनी होगी.
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एक्सप्रेसवे पर मिलेंगी पेट्रोल पंप और ट्रक पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं
इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से हाई-टेक बनाया जाएगा. गाड़ियों को केवल तय किए गए एंट्री और एग्जिट प्वाइंट से ही एक्सप्रेसवे पर चढ़ने या उतरने की इजाजत होगी. इसके साथ ही इस रूट पर सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए सर्विस रोड, फ्लाईओवर, अंडरपास, आधुनिक टोल प्लाजा, एमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा, पेट्रोल पंप, यात्रियों के लिए विश्राम स्थल और ट्रकों के लिए बड़ी पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
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