दरभंगा में ‘वंदे मातरम्’ पर प्रमंडल स्तरीय कवि सम्मेलन, राष्ट्र चेतना मजबूत करने का लिया संकल्प

Rashtriya Kavi Sangam: दरभंगा में 'वंदे मातरम्' रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रीय कवि संगम की ओर से प्रमंडल स्तरीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया. कार्यक्रम में राष्ट्र जागरण और राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया गया.

By Aaruni Thakur | June 29, 2026 6:39 PM

दरभंगा सदर से अशोक झा का रिपोर्ट

Rashtriya Kavi Sangam: दरभंगा जिला इकाई के तत्वावधान में रविवार को ‘वंदे मातरम्’ रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रमंडल स्तरीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया. सारा मोहनपुर स्थित प्रांतीय महामंत्री डॉ. राज कुमार भारती के आवास परिसर में आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकारों और कवियों ने राष्ट्र जागरण तथा राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का संकल्प लिया.

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दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. चन्द्र मोहन पोद्दार ने की. कार्यक्रम में अतिथियों और कवियों का स्वागत प्रांतीय महामंत्री डॉ. राज कुमार भारती ने किया.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कवि संगम की दरभंगा जिला इकाई लगातार सक्रिय है और यहां के कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्र चेतना को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा.

कविता समाज में बदलाव का सशक्त माध्यम

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. चन्द्र मोहन पोद्दार ने कहा कि कविता समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कवि संगम राष्ट्र जागरण के उद्देश्य को लेकर लगातार कार्य कर रहा है और ऐसे आयोजन राष्ट्रीय भावना को और मजबूत करते हैं.

‘वंदे मातरम्’ से मिलती है राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा

मुख्य अतिथि एवं दरभंगा प्रमंडल प्रभारी सह प्रांतीय मंत्री सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है.

उन्होंने साहित्यकारों से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी से प्रेरणा लेकर अपनी रचनाओं में राष्ट्रभक्ति, ऊर्जा और सामाजिक चेतना के भाव को बनाए रखने का आह्वान किया.

कवियों ने सुनाई देशभक्ति और समाज से जुड़ी रचनाएं

कार्यक्रम का संचालन ऋषि रोही ने किया.

सम्मेलन में सुरेश वर्मा, उदय शंकर चौधरी ‘नादान’, रीतू प्रज्ञा, संगीता कुमारी, अपर्णा मिश्रा, डॉली कुमारी, वैद्यनाथ पोद्दार, अमरजीत कुमार ‘अमर’, मुकेश झा ‘सोनू’, अमिताभ कुमार सिन्हा, नंद किशोर साहु, कुमार शुभांश, किरण कुमारी, स्वर्णिम किरण और डॉ. प्रतिभा स्मृति सहित कई कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया.

धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न

कार्यक्रम के अंत में सुधीर कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया. सम्मेलन का समापन राष्ट्र जागरण और साहित्य के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ.

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