[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पूर्णिया पूर्णिया में उमंग व उत्साह के साथ मनाया गया विश्व मौसम विज्ञान दिवस

पूर्णिया में उमंग व उत्साह के साथ मनाया गया विश्व मौसम विज्ञान दिवस

0
पूर्णिया में उमंग व उत्साह के साथ मनाया गया विश्व मौसम विज्ञान दिवस

बिहार का दूसरा सबसे मॉडर्न डॉप्लर वेदर रडार केंद्र बना पूर्णिया : वीरेंद्र कुमार पूर्णिया. शहर के पुलिस लाइन के स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में विश्व मौसम विज्ञान दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया. यह आयोजन इस मायने में भी खास रहा क्योंकि पूर्णिया केंद्र अब राज्य का दूसरा सबसे आधुनिक केंद्र बनने वाला है. इस वर्ष विश्व मौसम विज्ञान संगठन द्वारा निर्धारित थीम ‘आज का पर्यवेक्षण, कल की सुरक्षा’ के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य सटीक डेटा संग्रह के माध्यम से भविष्य की आपदाओं से बचाव और जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को जागरूक करना था. इस दौरान केंद्र के प्रभारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्णिया अब केवल एक साधारण वेदर स्टेशन नहीं बल्कि पटना के बाद बिहार का दूसरा सबसे मॉडर्न डॉप्लर वेदर रडार केंद्र बन चुका है. यहां लग रहे रडार सहित अन्य उपकरणों की मदद से अब कोशी सीमांचल क्षेत्र में आंधी, बारिश और वज्रपात की जानकारी 2 से 3 घंटे पहले मिल सकेगी. कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने चर्चा की कि कैसे मौसम का सटीक पूर्वानुमान स्थानीय स्तर पर बदलाव ला रहा है: किसान अब मोबाइल ऐप और स्थानीय रेडियो के माध्यम से समय पर जानकारी पाकर अपनी फसलों को ओलावृष्टि और भारी बारिश से बचा पा रहे हैं. पूर्णिया एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले विमानों के लिए भी यह केंद्र अब रीढ़ की हड्डी साबित होने वाला है. इस अवसर पर केंद्र में स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों के बीच मौसम सबंधित जानकारी दी गयी. हवा की गति मापने के लिए एनीमोमीटर , वर्षा मापने के लिए रेन गेज, आर्द्रता मापने के लिए उनके कार्य करने के तरीके को समझाया गया. केंद्र प्रभारी ने बताया की प्रकृति की चाल को समझना ही आपदा प्रबंधन की पहली सीढ़ी है. पूर्णिया का यह केंद्र अब न केवल डेटा जुटा रहा है बल्कि हजारों जिंदगियों को सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रहा है. इस मौके पर सहायक वैज्ञानिक राकेश कुमार सहित केंद्र के सभी मौसम वैज्ञानिक मौजूद थे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel