[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पूर्णिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

0
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

पूर्णिया. एसएनएसवाई डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रोफ़ेसर आलोक कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ के ऐतिहासिक फ़ैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि इस फ़ैसले के आदेश में आरक्षित वर्ग एसी/एसटी, ओबीसी एवं ई.ङबलू.एस. कैटेगरी के उम्मीदवार यदि मेरिट में आगे होंगे तो उन्हें सामान्य श्रेणी में भी हक मिलेगा. पूर्व में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार जनरल कैटेगरी से ज़्यादा नंबर लाने पर भी आरक्षित कैटेगरी के तहत ही चयनित होते थे जिससे आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की गिनती, कोटे में ही की जाती थी. माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अब किसी भी वर्ग के उम्मीदवारों के कट ऑफ़ मार्क्स ज़्यादा होने पर सामान्य श्रेणी में अवसर मिलेगा. इस ऐतिहासिक फ़ैसले से भारत के संविधान में समानता के अधिकार का पालन शतप्रतिशत होगा. प्रोफ़ेसर आलोक ने पूर्व में की गयी भर्तियों में भी सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को लागू करने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel