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Home बिहार पूर्णिया मशरूम उत्पादन कर सफल उद्यमी बनने के लिए दी जाएगी ट्रेनिंग

मशरूम उत्पादन कर सफल उद्यमी बनने के लिए दी जाएगी ट्रेनिंग

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मशरूम उत्पादन कर सफल उद्यमी बनने के लिए दी जाएगी ट्रेनिंग

नालंदा के 40 किसानों के लिए केवीके में मशरूम उत्पादन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण

जलालगढ़. कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ में पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन कृषक प्रशिक्षण की शुरुआत की गयी. इसमें नालंदा जिले के कुल 40 महिला एवं पुरुष कृषक शामिल हैं. आत्मा कार्यालय नालंदा से वित्त पोषित एवं प्रायोजित प्रशिक्षण में पांच दिनों में मशरूम उत्पादन से संबंधित सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक ज्ञान से रूबरू कराया जाएगा, जिससे वह मशरूम उत्पादन में दक्ष होकर एक सफल उद्यमी बन सकें एवं अपना रोजगार स्थापित कर सकें. केवीके के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ के एम सिंह ने बताया कि इन पांच दिनों में विभिन्न प्रकार के जैसे ऑयस्टर, बटन, मिल्की, आदि मशरूम के बारे में जानकारी दी जायेगी. उन्होंने बताया कि मशरूम एक फफूंद होता है, जो प्रोटीन का खजाना एवं पोषक तत्वों से भरपूर होता है. जिसमें रेशा एवं अन्य पौष्टिक पदार्थ मौजूद होते हैं. यह सभी वर्ग के लिए स्वास्थ्याप्रद होता है. साथ ही यह आजीविका के साथ-साथ रोजगार का भी एक आयाम है. इसी लक्ष्य को लेकर परियोजना निदेशक आत्मा नालंदा के द्वारा 40 कृषकों की टीम कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण के लिए भेजी गयी है. इसमें नालंदा जिले की आठ महिला कृषक भी शामिल है. सोमवार को उद्घाटन सत्र में केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ के एम सिंह ने मशरूम उत्पादन का इतिहास एवं उसकी महत्ता विषय पर प्रकाश डाला. उन्होंने मशरूम उत्पादन के नवाचार को सीख कर एक उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया. इस अवसर पर मशरूम उत्पादन साहित्य का भी विमोचन किया गया. कीट वैज्ञानिक डॉ अनामिका कुमारी ने मशरूम उत्पादन पर विशेष चर्चा की. वहीं कृषि विज्ञान केंद्र अररिया के मशरूम वैज्ञानिक डॉ संजीत कुमार ने पहले दिन बटन मशरूम बनाने के तौर तरीके सिखाये. मौके पर केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ गोविंद कुमार, डॉ संतोष कुमार, डॉ शशि प्रकाश विश्वकर्मा एवं केंद्र के अजीत चौधरी, संजय कुमार, यशवंत कुमार, आदि कर्मी मौजूद थे. बताया गया कि यह प्रशिक्षण 12 दिसंबर तक चलेगा.

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