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Home बिहार पूर्णिया जमीन के स्वामित्व के लिए तीन तरह के साक्ष्य होंगे मान्य

जमीन के स्वामित्व के लिए तीन तरह के साक्ष्य होंगे मान्य

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जमीन के स्वामित्व के लिए तीन तरह के साक्ष्य होंगे मान्य

– विष्णुपुर पंचायत में भूमि सर्वेक्षण को लेकर ग्रामसभा प्रतिनिॆधि, अमौर. प्रखंड के विष्णुपूर पंचायत स्थित जनता हाई स्कूल विष्णुपुर मैदान में मंगलवार को भूमि सर्वेक्षण को लेकर ग्रामसभा शिविर प्रभारी सह कानूनगो रवि कुमार के सफल नेतृत्व में तथा पंचायत मुखिया लीला देवी की अध्यक्षता में की गयी. ग्रामसभा में मुखिया प्रतिनिधि विवेकानंद झा ने कहा कि बिहार में जमीन सर्वेक्षण का काम शुरू हो चुका है. एक साल में काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. शिविर प्रभारी एवं कानूनगो ने कहा कि सर्वे के दौरान रैयत या जमीन मालिकों को अपनी जमीन से जुड़े दस्तावेज देने होंगे. इन दस्तावेजों का मिलान सरकारी रिकॉर्ड से होगा. मिलान के बाद ही दस्तावेजों को अंतिम रूप से अपलोड किया जाएगा. जमा किए गए दस्तावेजों में नाम, खसरा-खाता संख्या अन्य किसी चीज का मिलान सरकार के पास मौजूद रिकॉर्ड से नहीं होने पर उस जमीन के कागजों को अपलोड नहीं किया जाएगा. ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति को सूचना दी जाएगी कि वे अपनी जमीन के सही दस्तावेज उपलब्ध कराएं. अगर इसके बाद भी उक्त व्यक्ति ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए तो जमीन को सरकारी रिकार्ड में मौजूद नाम पर दर्ज कर दिया जाएगा. ग्रामसभा में कानूनगो पंकड कुमार ने बताया कि जमीन स्वामित्व के लिए तीन तरह के साक्ष्य मान्य होंगे. पुश्तैनी जमीन के लिए खतियान, खरीदी गई जमीन के लिए रजिस्ट्री और सरकार से मिली हुई जमीन के लिए पर्चा या बासगीत पर्चा मान्य होगा. अगर किसी जमीन की रसीद अपडेट नहीं है, तो पुरानी रसीद भी मान्य होगी. अगर दाखिल-खारिज नहीं हुई है, तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने बताया कि वंशावली के साथ साथ रैयत को खतियानी जमीन से सबंधित प्रमाण पत्र के अलावे खुद की घोषणापत्र देने की आवश्यकता है. ग्रामसभा में एएसओ प्रभाष कुमार, एसएसए राकेश कुमार, शशि प्रकाश, विक्रांत कुमार, रवि कुमार, प्रशांत कुमार, रवि रंजन मिश्रा आदि ने मुख्य रूप से भूमि सर्वेक्षण पर विचार प्रकट किये और लोगों को जागरूक किया . फोटो. 3 पूर्णिया 13- विष्णुपूर पंचायत में आयोजित ग्रामसभा में शिरकत करते कानूनगो व अन्य

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