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Home बिहार पूर्णिया खरीफ फसलों में मड़वा की खेती से किसानों को जोड़ने की जरूरत : निदेशक

खरीफ फसलों में मड़वा की खेती से किसानों को जोड़ने की जरूरत : निदेशक

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खरीफ फसलों में मड़वा की खेती से किसानों को जोड़ने की जरूरत : निदेशक

जलालगढ़. कृषि विभाग की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जांच संयुक्त कृषि निदेशक पटना की टीम ने की. संयुक्त कृषि निदेशक (बायो) पूर्णेंदु कुमार ने कसबा एवं जलालगढ़ प्रखंड में प्राकृतिक खेती, खरीफ मक्का की फसल, मड़वा, रावी आदि खेतों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने खरीफ फसलों में मक्का और मड़वा की खेती पर किसानों को अधिक अधिक जोड़ने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान संयुक्त कृषि निदेशक ने कहा कि कसबा में जीविका दीदी द्वारा मशरूम की खेती काफी अच्छी तरीके से की जा रही है. उन्होंने कहा कि वे इससे काफी प्रभावित हैं. साथ ही कसबा जीविका दीदी को निर्देश दिया कि कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ में इसके बेहतर उत्पादन के लिए प्रशिक्षण लें. साथ ही आत्मा द्वारा भी प्रशिक्षण देने का निर्देश दिये जाने की बात कही. निरीक्षण के दौरान उप निदेशक पौधा संरक्षण सतीश कुमार, जिला कृषि कार्यालय के पंकज कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी धमदाहा, आत्मा, आदि मौजूद थे. मौके पर जलालगढ़ प्रखंड कृषि पदाधिकारी दिलीप रजक, कृषि समन्वयक निरंजन झा, कृषि सलाहकार विवेकानंद दास उर्फ वरुन, दिलीप कुमार, रवि सुमन के साथ कृषि कार्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद थे. किसान को स्वाइल हेल्थ कार्ड नहीं मिलने पर जतायी नाराजगी जलालगढ़ में दर्जीबाड़ी के समीप खरीफ मक्का की फसल को देखने पहुंचे. जहा मौजूद किसान मनोज सिंह के खेत अनुबंध पर मक्का लगाये किसान से बात की. जहां संयुक्त निदेशक ने किसान को मक्का में हो रही परेशानी की जानकारी ली और खेत की मिट्टी जांच की भी जानकारी ली. इसपर किसान ने बताया कि स्वाइल हेल्थ कार्ड नहीं मिला है. इस बाबत संयुक्त निदेशक ने नाराजगी व्यक्त की. वहीं कृषि समन्वयक द्वारा बताया गया कि मिट्टी जांच को गई है लेकिन कार्ड नहीं दिया गया. संयुक्त कृषि निदेशक ने मृदा जांच सेंटर खोलने का निर्देश देते हुए कहा कि किसान द्वारा मक्का फसल कितने हेक्टेयर में किया गया इसकी जानकारी मांगी. मौजूद अनुमंडल कृषि पदाधिकारी डॉ हेमलता कुमारी ने बताया कि 3000 हेक्टेयर में मक्का की खेती की गई है. साथ ही बताया पहले कि अपेक्षा किसानों को खाद में कोई परेशानी नहीं हो रही. नजदीक में रैक प्वाइंट व बरौनी में खाद फैक्ट्री खुलने से भी किसानों को खाद की दिक्कत नहीं होती है. सयुक्त कृषि निदेशक पूर्णेंदु कुमार ने खेत में मौजूद किसानों से भी खेती के बारे में जानकारी ली. कृषि विज्ञान केंद्र का किया निरीक्षण संयुक्त निदेशक की टीम कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ पहुंची. जहाँ उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ के एम सिंह से मिले. केवीके प्रधान ने प्रकृति खेती, खरीफ मक्का के क्षेत्र का भ्रमण कराया. संयुक्त निदेशक केवीके में मक्का की फसल देख काफी प्रसन्नता जाहिर की. कृषि विभाग के अधिकारियों को उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों को यहां भेजें और किसानों को प्रक्षेत्र का विजिट करवाकर इस तरह की फसल का लगवाने का कार्य करें. कृषि विज्ञान केंद्र में लगे मूंगफली, सूर्यमुखी, मड़वा, रावी, औजला तिल, काला तिल, हल्दी, सोयाबीन आदि फसलों का भी निरीक्षण किया. खाद दुकानें बंद रहने पर जतायी चिंता संयुक्त निदेशक ने केवीके प्रधान डॉ के एम सिंह से किसानों को ट्रेनिंग देकर बाहर किसानों को इस तरह की खेती करवाने का निर्देश दिया. संयुक्त कृषि निदेशक ने खाद व दवा दुकानों की लिस्ट मांगी और जांच के लिए जाने की बात अनुमंडल कृषि पदाधिकारी से की. उन्होंने रास्ते में कसबा व जलालगढ़ में एक दो खाद दुकान छोड़ अधिकतर दुकान बंद होने पर चिंता जतायी. उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि सरकार के द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ किसानों को शत प्रतिशत मिलना चाहिए. इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. किसानों को सही समय व सही दाम में खाद, बीज उपलब्ध कराया जाना चाहिए. फोटो. 24 पूर्णिया 22- संयुक्त कृषि निदेशक की टीम जलालगढ़ में मक्का फसल की निरीक्षण करते

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