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Home बिहार पूर्णिया आंध्र की फैक्ट्री से लौटे मजदूरों की मौत का सिलसिला जारी, पटना एम्स में मो. राजिक ने तोड़ा दम

आंध्र की फैक्ट्री से लौटे मजदूरों की मौत का सिलसिला जारी, पटना एम्स में मो. राजिक ने तोड़ा दम

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आंध्र की फैक्ट्री से लौटे मजदूरों की मौत का सिलसिला जारी, पटना एम्स में मो. राजिक ने तोड़ा दम
कसबा (पूर्णिया) से अक्षय की रिपोर्ट

Purniya News : आंध्र प्रदेश की एक फैक्ट्री से बीमार होकर पूर्णिया के कसबा लौटे मजदूरों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है. पटना एम्स में इलाजरत कसबा प्रखंड के जियनगंज गांव निवासी मो. राजिक (21) ने दम तोड़ दिया. शुक्रवार को उनका शव गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी. गांव में हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था कि आखिर आंध्र प्रदेश से लौटे मजदूरों की मौत का सिलसिला कब थमेगा.

इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ा, पर नहीं बची जान

परिजनों के अनुसार मो. राजिक पिछले एक वर्ष से आंध्र प्रदेश स्थित पत्थर से तैयार होने वाले टैल्कम पाउडर की फैक्ट्री में मजदूरी कर रहा था. उनका आरोप है कि मजदूरों को असुरक्षित परिस्थितियों में काम कराया जाता था और घर लौटने की बात करने पर ठेकेदार मो. जुनैद एवं उसके भाइयों द्वारा मारपीट की जाती थी. करीब दो माह पहले परिजन किसी तरह उसे घर लेकर आए, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी. आठ जून को उसे पटना एम्स में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक के पिता मो. हाशिम ने बताया कि बेटे के इलाज के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वह अपने बेटे को नहीं बचा सके। उन्होंने कहा कि परिवार आर्थिक संकट में है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

अब तक पांच मजदूरों की हो चुकी है मौत

इस मामले में अब तक पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है। इनमें जियनगंज गांव के मो. मुस्तफा (56), मो. मसद (19) और मो. राजिक (21) के अलावा सर्रा बथना गांव के अरविंद ऋषि (22) तथा कसबा के तारानगर निवासी कुंदन कुमार (21) शामिल हैं. वहीं श्रवण कुमार ऋषि, मो. दानिश, रंजीत कुमार ऋषि, सीतेश कुमार ऋषि और विक्रम कुमार ऋषि अब भी बीमार हैं. इनमें श्रवण कुमार ऋषि और मो. दानिश की हालत गंभीर बनी हुई है तथा दोनों का इलाज पटना एम्स में चल रहा है.

ठेकेदार पर दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी

कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन ने बताया कि तीन जून को मो. मसद के पिता के बयान पर कांड संख्या 236/26 दर्ज किया गया था, जिसमें ठेकेदार मो. जुनैद, उसके दो भाइयों, फैक्ट्री मालिक और प्रबंधक को नामजद किया गया है. मो. राजिक की मौत के बाद मिले आवेदन को भी इसी मामले से संबद्ध किया जाएगा. उन्होंने बताया कि राजिक का बयान मौत से पहले ही दर्ज कर लिया गया था.

परिजनों को मिले मुआवजा : पूर्व मंत्री

इधर, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक मो. अफाक आलम ने पांचों मृतक मजदूरों के परिजनों को सरकारी मुआवजा देने, गंभीर रूप से बीमार मजदूरों का सरकारी खर्च पर इलाज कराने तथा नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है. उन्होंने कहा कि दो माह में पांच मजदूरों की मौत के बावजूद अब तक किसी पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता नहीं मिली है, जिससे परिजन कर्ज लेकर इलाज कराने को मजबूर हैं.

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