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Home बिहार पूर्णिया पूर्णिया विश्वविद्यालय ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PAT) की निरस्त, अब यूजीसी नेट स्कोर पर होगा नामांकन

पूर्णिया विश्वविद्यालय ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PAT) की निरस्त, अब यूजीसी नेट स्कोर पर होगा नामांकन

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पूर्णिया विश्वविद्यालय ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PAT) की निरस्त, अब यूजीसी नेट स्कोर पर होगा नामांकन
पूर्णिया विश्वविद्यालय

Purnia University PAT Exam: उच्च शिक्षा और अनुसंधान (Research) के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले पूर्णिया विश्वविद्यालय के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है. पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2024 एवं 2025 के लिए प्रस्तावित पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PAT – PhD Entrance Test) से जुड़ी पूर्व की सभी अधिसूचनाओं, विज्ञापनों और आवेदन प्रक्रियाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त (Cancel) कर दिया है. विश्वविद्यालय के इस अचानक लिए गए फैसले से उन अभ्यर्थियों के बीच खलबली मच गई है जो लंबे समय से पैट परीक्षा की तैयारियों में जुटे थे. विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम राजभवन (बिहार) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए दिशा-निर्देशों को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए उठाया गया है.

अब नहीं होगी पैट परीक्षा; यूजीसी नेट (UGC NET) स्कोर बनेगा चयन का मुख्य आधार

  • राजभवन और यूजीसी का निर्देश: पूर्णिया विश्वविद्यालय के मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह ने आधिकारिक तौर पर बताया कि लोकभवन (राजभवन), बिहार, पटना के सख्त आदेशों तथा यूजीसी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जारी गाइडलैंस के आलोक में यह निर्णय लिया गया है.
  • नेट स्कोर पर दाखिला: सत्र 2024 और 2025 में पीएचडी सीटों पर नामांकन के लिए अब विश्वविद्यालय स्तर पर कोई लिखित परीक्षा आयोजित नहीं होगी. इसके बजाय, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी यूजीसी नेट (UGC NET) में प्राप्त अंकों (स्कोर) को ही मुख्य आधार माना जाएगा.

अभ्यर्थियों का पूरा आवेदन शुल्क होगा वापस; अलग से जारी होगी अधिसूचना

फीस वापसी का फैसला: इस निरस्तीकरण के बाद सबसे बड़ा सवाल उन अभ्यर्थियों की ओर से उठाया जा रहा था जिन्होंने पूर्व में भारी-भरकम परीक्षा शुल्क जमा कर आवेदन फॉर्म भरा था. इस पर स्थिति साफ करते हुए प्रो. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी नामांकन सत्र 2024 एवं 2025 के लिए आवेदकों से प्राप्त शत-प्रतिशत आवेदन शुल्क (Application Fee) को वापस करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है. शुल्क वापसी की पूरी प्रक्रिया, ऑनलाइन लिंक और आवश्यक दिशा-निर्देश जल्द ही एक पृथक (अलग) अधिसूचना के माध्यम से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लाइव कर दिए जाएंगे.

नई गाइडलाइन के लिए वेबसाइट पर नजर रखने की अपील; जल्द शुरू होगी नई प्रक्रिया

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि नेट स्कोर के आधार पर मेधा सूची (Merit List) तैयार करने, खाली सीटों का विवरण और काउंसलिंग/साक्षात्कार (Interview) की विस्तृत समय-सारणी जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड की जाएगी. प्रबंधन ने सभी प्रभावित अभ्यर्थियों और शोधार्थियों से विशेष अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या असत्यापित खबरों पर ध्यान न दें. आगामी प्रक्रियाओं, नई नामांकन नीति और अपनी जमा राशि की वापसी (Refund Process) से जुड़े प्रामाणिक अपडेट्स प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट का नियमित रूप से अवलोकन (Check) करते रहें. राजभवन के इस नए नियम से अब पीएचडी की डिग्री में और अधिक राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता और पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है.

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दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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