परीक्षा घोटाले की जांच तेज, दो पूर्व परीक्षा नियंत्रकों समेत चार अधिकारियों से आठ घंटे पूछताछ

पूर्णिया विश्वविद्यालय में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की जांच अब पुराने मामलों तक पहुंच गई है. विभागीय जांच के तहत दो पूर्व परीक्षा नियंत्रकों और दो टैबुलेटर से करीब आठ घंटे तक बिंदुवार पूछताछ की गई. कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने स्वयं पूरी प्रक्रिया की निगरानी की.

By AJEET KUMAR | July 5, 2026 9:59 PM
पूर्णिया से अभिषेक भास्कर की रिपोर्ट

Purnia News : पूर्णिया विश्वविद्यालय में परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले और अनियमितताओं की जांच लगातार गहराती जा रही है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए रविवार को दो पूर्व परीक्षा नियंत्रकों तथा दो टैबुलेटर से करीब आठ घंटे तक विभागीय स्तर पर विस्तृत पूछताछ की. दोपहर से शुरू हुई यह प्रक्रिया देर शाम तक चली, जिसमें परीक्षा संचालन, परिणाम प्रकाशन और अभिलेखों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से जवाब मांगे गए.

जानकारी के अनुसार कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने स्वयं विभागीय कार्यवाही की निगरानी की. अधीनस्थ पदाधिकारियों ने एक-एक बिंदु पर संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लिया और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान भी किया. विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार अब तक जांच एक पूर्व परीक्षा नियंत्रक तक सीमित थी, लेकिन प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुराने कार्यकाल की भी समीक्षा आवश्यक है. इसी आधार पर एक अन्य पूर्व परीक्षा नियंत्रक को भी विभागीय कार्यवाही के लिए समन जारी किया गया.

कई दस्तावेजाें व अभिलेखों की भी हुई जांच

Purnia News : जांच के दायरे में शामिल दो टैबुलेटर से भी परीक्षा परिणाम तैयार करने, अंक पत्रों के संधारण और तकनीकी प्रक्रियाओं से संबंधित बिंदुओं पर जानकारी ली गई. बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों का भी परीक्षण किया गया. विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले में तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

सूत्रों के अनुसार विभागीय जांच के दायरे में आए चार अधिकारियों में तीन मूल रूप से पूर्णिया कॉलेज से संबद्ध हैं, जबकि एक अधिकारी एमएल आर्य कॉलेज, कसबा से संबद्ध हैं. अधिकारियों से उनके कार्यकाल के दौरान परीक्षा विभाग में अपनाई गई प्रक्रियाओं और निर्णयों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई. गौरतलब है कि कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने 22 जनवरी 2025 को पूर्णिया विश्वविद्यालय में योगदान देने के बाद परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शुचिता स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई थी. इसी क्रम में सात अप्रैल 2025 को तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक प्रो. ए.के. पांडेय को उनके दायित्व से मुक्त किया गया था. इसके बाद विश्वविद्यालय में लगातार तीन और परीक्षा नियंत्रक बदले गए. वर्तमान में प्रो. अमरकांत सिंह परीक्षा नियंत्रक के पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

ALSO READ : बिहार के इन इलाकों में 2027 तक नहीं खरीद पाएंगे जमीन, सरकार ने जारी किया आदेश