पूर्णिया अग्निशमन विभाग हुआ हाईटेक, 100 फीट तक पहुंचेगी राहत टीम
Purnia Hydraulic Aerial Ladder: पूर्णिया अग्निशमन विभाग को 100 फीट ऊंचाई तक राहत-बचाव करने में सक्षम अत्याधुनिक हाइड्रोलिक एरियल लैडर वाहन मिला है. निबंधन के बाद इसका संचालन शुरू होगा और बहुमंजिली इमारतों में आपदा प्रबंधन को नई मजबूती मिलेगी.
पूर्णिया से सत्येंद्र सिन्हा गोपी की रिपोर्ट:
Purnia Hydraulic Aerial Ladder: जिले में अग्निकांड और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग को अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म सह एरियल लैडर वाहन उपलब्ध कराया गया है. यह विशेष वाहन बहुमंजिली इमारतों में आग लगने या दुर्घटना के दौरान फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाएगा. राज्य मुख्यालय से प्राप्त इस वाहन को जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
प्रमुख जानकारी
100 फीट ऊंचाई तक पहुंचेगी राहत टीम
यह हाइड्रोलिक एरियल लैडर करीब 32 मीटर (लगभग 100 फीट) की ऊंचाई तक पहुंचने में सक्षम है. इसके प्लेटफॉर्म की भार क्षमता लगभग 400 किलोग्राम है, जिससे एक बार में चार से पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है.
दो दमकल वाहनों से एक साथ ले सकेगा पानी
वाहन में पानी का टैंक नहीं है, लेकिन इसमें दो इनपुट हौज दिए गए हैं, जिनकी मदद से यह एक साथ दो अग्निशमन वाहनों से पानी लेकर आग बुझा सकता है. इसके सिंगल आउटपुट हौज से तेज दबाव के साथ पानी की बौछार कर बड़े अग्निकांडों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा. ऑपरेशन के दौरान बेहतर समन्वय के लिए वाहन में कनेक्टेड माइक्रोफोन सिस्टम भी लगाया गया है.
संकीर्ण इलाकों में संचालन रहेगा चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार यह वाहन बड़े और खुले क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रभावी रहेगा. हालांकि संकरी गलियों और कम जगह वाले इलाकों में इसका संचालन चुनौतीपूर्ण हो सकता है. वाहन को सुरक्षित संचालन के लिए लगभग 20 फीट या उससे अधिक चौड़ाई की आवश्यकता होती है. इसके दोनों ओर लगे चार हाइड्रोलिक सपोर्ट स्टैंड को करीब पांच-पांच फीट तक फैलाकर वाहन को स्थिर किया जाता है.
निबंधन के बाद शुरू होगा संचालन
यह अत्याधुनिक वाहन इसी महीने की शुरुआत में पूर्णिया पहुंच चुका है, लेकिन परिवहन विभाग में निबंधन नहीं होने के कारण अभी तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है. फिलहाल वाहन मरंगा स्थित अग्निशमन कार्यालय परिसर में रखा गया है. विभाग के अनुसार निबंधन के लिए आवश्यक चालान जमा कर दिए गए हैं और प्रक्रिया अंतिम चरण में है. निबंधन पूरा होने के बाद वाहन का डेमो, संचालन और अग्निशमन कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा.
अधिकारी ने क्या कहा
अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अब्दुल बरकत ने बताया कि यह वाहन बड़े अग्निकांडों और बहुमंजिली इमारतों में होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्य में बेहद प्रभावी साबित होगा. उन्होंने कहा कि निबंधन प्रक्रिया पूरी होते ही वाहन का अभ्यास कराया जाएगा और अग्निशमन कर्मियों को इसके संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.
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