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Home बिहार पूर्णिया रमजान के पहले जुमे पर मांगी गई रहमत व बरकत की दुआएं

रमजान के पहले जुमे पर मांगी गई रहमत व बरकत की दुआएं

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रमजान के पहले जुमे पर मांगी गई रहमत व बरकत की दुआएं

नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़

रमजान को लेकर शहर के सभी बाजारों में बढ गई है चहल पहल

पूर्णिया. पाक मुकद्दस माह-ए-रमजान के पहले जुमे की नमाज जिला मुख्यालय सहित प्रखंडों की विभिन्न मस्जिदों में अकीदत के साथ अदा की गई. नमाज के बाद रहमत और बरकत की दुआएं मांगी गई. रमजान के पहले जुमा की नमाज अदा करने के लिए लाइन बाजार जामा मस्जिद समेत शहर और आस पास की विभिन्न मस्जिदों में रोजेदारों की खासी भीड़ रही. लाइन बाजार स्थित जामा मस्जिद में नमाजियों की संख्या काफी अधिक थी. रमजान के पहले शुक्रवार को अजान होते ही नमाजी मस्जिदों की और दौड़ पड़े. रमजान के पहले जुमे की नमाज दोपहर 1 बजे से लेकर ढाई बजे तक पढ़ाई गयी जहां पूरे अकीदत के साथ रोजेदारों ने नमाज अदा की.

इससे पहले उलेमाओं ने जकात फितरा गरीब बेसहारा की मदद करने की बात कही और रमजान को बरकतों का और रहमतों का महीना बताते हुए इसकी तफसील से फजीलत बयान की. उलेमाओं ने कहा कि यह रमजान शरीफ का महीना है, जो रहमत मगफिरत और जहन्नम से निजात का माह है. उलेमाओं ने कहा कि जो इंसान जान बूझकर रोजा छोड़ता है, जिंदगी भर भी अगर वह रोजा रखे तो उसके नुकसान की भरपाई नहीं होती. उलेमाओं ने बताया कि इस्लाम की बुनियाद पांच चीजों पर कायम है. पहला कलमा पढ़ना, दूसरा नमाज, तीसरा रमजान में रोजे रखना, चौथा जकात अदा करना और पांचवां हज करना. नमाज, जकात और हज का सवाब तो सबको मालूम है, लेकिन रोजे का सवाब केवल अल्लाह ही जानते हैं.

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