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Home बिहार पूर्णिया मरणोपरांत नेत्रदान कर दूसरों की आंखों में रौशनी भर गये मंटू

मरणोपरांत नेत्रदान कर दूसरों की आंखों में रौशनी भर गये मंटू

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मरणोपरांत नेत्रदान कर दूसरों की आंखों में रौशनी भर गये मंटू

कटिहार के डॉक्टरों की मदद से संभव हो रहा नेत्रदान : डॉ. एके गुप्ता

जिले के 10वें नेत्रदानी बने डॉ. एके गुप्ता के भांजे मंटू कुमार

पूर्णिया. भाजपा नेता और जाने-माने सर्जन डॉ. अनिल कुमार गुप्ता के भांजे मंटू कुमार मरणोपरांत दूसरों की आंखों की रौशनी दे गये और जिले के 10वें नेत्रदानी बन गये. उनका निधन लंबी बीमारी के बाद बुधवार को हो गया था. गुरुवार को अंतिम संस्कार से पहले मृतक के मामा तथा दधीचि देहदान समिति के उपाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गुप्ता व उनके परिजनों ने दिवंगत मंटू कुमार का नेत्रदान कराया. नेत्रदान के साथ ही मंटू कुमार मरणोपरांत अंगदान करने वाले जिले के 10वें दानी बन गए हैं. इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि भांजे के नेत्रदान करने से वे खुद को काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. डॉ. गुप्ता ने बताया कि मंटू कुमार के अंगदान की पहल उनके बड़े भांजे व अधिवक्ता रणवीर कुमार ने की थी. उसके बाद कटिहार मेडिकल कॉलेज की टीम यहां पहुंची और मंटू का नेत्रदान कराया. डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि कटिहार मेडिकल कॉलेज की टीम की वजह से पूर्णिया में नेत्रदान संभव हो पा रहा है. अन्यथा पूर्णिया नेत्रदान के मामले में आज भी पिछड़ा हुआ रहता.

पूर्णिया में आईबैंक की स्थापना की है सख्त जरूरत

शहर में आईबैंक की स्थापना की वकालत करते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि लगातार पूर्णिया में अंगदान करने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है. लोग अब मरणोपरांत दूसरों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में आगे आ रहे हैं. इसको देखते हुए पूर्णिया में आईबैंक की स्थापना आवश्यक हो गया है. दधीचि देह दान समिति पूर्णिया ने लोगों को मरणोपरांत चक्षु दान के लिए आगे आने की अपील की है. इधर, दधीचि देहदान समिति के सदस्य व ग्रीन पूर्णिया के सचिव रवींद्र कुमार साह ने नेत्रदान कराने पहुंचे कटिहार मेडिकल टीम के चिकित्सकों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि अतुल मिश्रा की अगुवाई में उनकी टीम नेत्रदान कराने के लिए हमेशा तत्पर रहती है.

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