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Home बिहार पूर्णिया रोजगार सृजन के लिए पूर्णिया में लगे मक्का-मखाना की प्रोसेसिंग फैक्ट्रियां

रोजगार सृजन के लिए पूर्णिया में लगे मक्का-मखाना की प्रोसेसिंग फैक्ट्रियां

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रोजगार सृजन के लिए पूर्णिया में लगे मक्का-मखाना की प्रोसेसिंग फैक्ट्रियां

सांसद पप्पू यादव ने देश की आर्थिक नीति पर चर्चा के दौरान मांगा विशेष पैकेज पूर्णिया. लोकसभा में देश की आर्थिक नीति पर चर्चा के दौरान पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला और अपने संसदीय क्षेत्र पूर्णिया सहित पूरे कोसी-सीमांचल के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन सरकार की उपेक्षा के कारण विकास की रफ्तार धीमी है. पप्पू यादव ने मक्का और मखाना पर आधारित कम से कम 10–10 प्रोसेसिंग फैक्ट्रियां लगाने की मांग करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार का सृजन होगा. आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने सरकार के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा जाता है कि रुपया नहीं गिर रहा, बल्कि डॉलर मजबूत हो रहा है. पप्पू यादव ने आंकड़े रखते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में वैश्विक स्तर पर 15–16 बिलियन डॉलर की गिरावट आयी है और भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 बिलियन डॉलर से घटकर 687 बिलियन डॉलर रह गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि आरबीआइ को रुपये बचाने के लिए डॉलर बेचने पड़ रहे हैं, जो मुद्रा प्रबंधन की विफलता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि ऐसी नीति का सबसे बड़ा बोझ गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ता है. महंगाई को लेकर सांसद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भले ही सरकार सीधे टैक्स न लगाने की बात करे, लेकिन महंगाई के जरिए 140 करोड़ की आबादी में से 120 करोड़ गरीब और मध्यम वर्ग से पैसा वसूला जा रहा है. उन्होंने सरकार से पूछा कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस व्यवस्था क्या है. तकनीक और भविष्य की अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए पप्पू यादव ने एआई और डिजिटल स्किल्स पर जोर दिया. उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्णिया और पूरे बिहार में सीधे पैसा देने के बजाय प्रोजेक्ट आधारित फंडिंग की जाए. हर क्षेत्र में एआई ट्रेनिंग सेंटर और रीजनल एआई हब स्थापित हों, गांव-कस्बों के बच्चों तक तकनीक पहुंचे और स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए. उन्होंने शिक्षकों को एआई एक्सपर्ट बनाने, स्थानीय उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित करने और किसानों, महिलाओं व युवाओं के लिए डिजिटल प्रशिक्षण की भी मांग की.इसके साथ ही उन्होंने प्रदूषण, स्वच्छ पानी, मनरेगा बजट, गरीबों को जमीन देने और छात्रों से परीक्षा फॉर्म शुल्क कम करने जैसे मुद्दों को भी उठाया. पप्पू यादव ने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा जब नीतियां आम आदमी, किसानों, छात्रों और युवाओं के हित में हों.

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