[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पूर्णिया पितृपक्ष के अंतिम दिन सौरा में लगाई आस्था की डुबकी, पितरों का किया तर्पण

पितृपक्ष के अंतिम दिन सौरा में लगाई आस्था की डुबकी, पितरों का किया तर्पण

0
पितृपक्ष के अंतिम दिन सौरा में लगाई आस्था की डुबकी, पितरों का किया तर्पण

पूर्णिया. पितृपक्ष के अंतिम दिन लोगों ने शहर के पूर्णिया सिटी स्थित सौरा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और पितरों का तर्पण किया. इसके लिए सिटी के सौरा घाट पर सुबह से ही पितरों का तर्पण और पिंडदान के लिए लोग उमड़ने लगे. नदी स्नान के बाद लोगों ने विधिवत पितरों को याद करते हुए जल अर्पित किया. सौरा नदी घाट पर आए लोगों ने कहा प्राचीन मंदिर होने के साथ इसी प्रांगण में बहती नदी होने के कारण तर्पण करने में अच्छा लगता हैं. हालांकि यहां तर्पण के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं थी पर हर कोई अपनी ओर से तैयार होकर पहुंचे थे. यहां पंडित जी के मंत्रोच्चार के साथ लोगों ने नदी में खड़े होकर हाथ में कुश लेकर पितृ देव को याद किया और जल छोड़ते हुए पुष्प और तेल अर्पित किया. तर्पण के बाद लोगों ने यथाशक्ति के मुताबिक ब्राह्मणों को दान किया और भोजन कराया. ब्राह्मणों को भोजन कराने से पहले कौवा, गाय और कुत्ते के लिए भोजन निकालकर आमंत्रित किया गया. समाजसेवी राकेश राय ने बताया कि सौरा नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है पर इसके बावजूद बैरिकेडिंग नहीं की गई है. श्री राय ने बताया कि यह घाट अभी खतरनाक बना हुआ है जहां बचाव की व्यवस्था तुरंत की जानी चाहिए. फोटो- 2 पूर्णिया 3- सिटी स्थित सौरा नदी में स्नान करते लोग

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel