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Home बिहार पूर्णिया केनगर CDPO कार्यालय में निकला साढ़े तीन हाथ लंबा काला नाग: कर्मचारियों में मची भगदड़

केनगर CDPO कार्यालय में निकला साढ़े तीन हाथ लंबा काला नाग: कर्मचारियों में मची भगदड़

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केनगर CDPO कार्यालय में निकला साढ़े तीन हाथ लंबा काला नाग: कर्मचारियों में मची भगदड़
सीडीपीओ कार्यालय में काला नाग
पूर्णिया के केनगर से मो. शहजादा हसन की रिपोर्ट

King Cobra Snake: पूर्णिया जिले में इन दिनों जारी उमस भरी गर्मी के बीच रेंगने वाले विषैले जीवों का रिहायशी और प्रशासनिक इलाकों में निकलने का सिलसिला तेज हो गया है. ताजा मामला केनगर प्रखंड मुख्यालय परिसर का है, जहां संचालित सीडीपीओ कार्यालय के मुख्य कक्ष के भीतर एक विशालकाय और अत्यधिक विषैला नाग सांप घुस गया. दफ्तर के काम-काज के दौरान जब एक कर्मचारी की नजर गोदरेज अलमारी के बगल में कुंडली मारकर बैठे सांप पर पड़ी, तो उसने शोर मचाया. देखते ही देखते पूरे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी की कड़ियां जुड़ गईं. गनीमत यह रही कि समय रहते सांप को देख लिया गया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और सभी कर्मचारी बाल-बाल बच गए.

चारों तरफ घना जंगल और झाड़ियां; सफाई बजट को लेकर उठे गंभीर सवाल

कार्यालय में सांप घुसने की इस घटना ने प्रखंड परिसर के रखरखाव और कबाड़ संधारण की पोल खोलकर रख दी है. कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दफ्तर की सुरक्षा को लेकर निम्नलिखित कड़ियां उजागर की हैं:

  • झाड़ियों का अंबार: सीडीपीओ कार्यालय भवन के चारों तरफ लंबे समय से घनी झाड़ियां और खरपतवार उगे हुए हैं. नियमित रूप से साफ-सफाई न होने के कारण यह पूरा परिसर जहरीले जीव-जंतुओं और बिच्छुओं का सुरक्षित बसेरा बन चुका है.
  • फंड के बावजूद लापरवाही: दफ्तर में तैनात कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कार्यालय परिसर की समय-समय पर सफाई कराने और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव के लिए विभाग द्वारा बकायदा सरकारी राशि आवंटित की जाती है. इसके बावजूद धरातल पर सफाई कार्य नहीं कराया जाता, जिससे कर्मियों को हर वक्त जान का जोखिम बना रहता है.

वन विभाग की टीम नहीं पहुंची समय पर; कर्मचारियों में भारी आक्रोश

चिकित्सीय इनपुट: “किंग कोबरा (नाग) को दुनिया के सबसे खतरनाक और न्यूरोटॉक्सिक सांपों में गिना जाता है. इसके काटने के बाद शरीर में जहर इतनी तेजी से फैलता है कि पीड़ित व्यक्ति को संभलने या अस्पताल पहुंचने तक का मौका नहीं मिलता.”

इस बेहद संवेदनशील और डरावनी स्थिति के बीच प्रशासनिक स्तर पर घोर लापरवाही देखने को मिली. कार्यालय कर्मियों ने जैसे ही कमरे में सांप को देखा, तुरंत इसकी सूचना वन विभाग (Forest Department) की स्नेक रेस्क्यू टीम को दी. लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिसे लेकर कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों में जिला प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया.

“मीटिंग में हूं, टीम को बोल दिया है”— सीडीपीओ अमृता वर्मा

इस पूरे मामले और कार्यालय में मचे बवाल को लेकर जब मुख्य कप्तानी यानी सीडीपीओ अमृता वर्मा से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपनी कड़ियां स्पष्ट कीं:

  1. आधिकारिक बयान: सीडीपीओ ने बताया, “कार्यालय कक्ष में सांप निकलने की आधिकारिक सूचना मुझे कर्मियों द्वारा दी गई है. मैंने तुरंत वन विभाग के रेस्क्यू एक्सपर्ट्स को इसकी जानकारी देकर अविलंब पहुंचने को कहा है.”
  2. मुख्यालय में बैठक: उन्होंने आगे बताया कि वे फिलहाल जिला मुख्यालय (पूर्णिया) में शिक्षा और पोषण से जुड़ी एक अति आवश्यक समीक्षा बैठक में भाग ले रही हैं. बैठक समाप्त होते ही वे सेकंड हाफ (दोपहर बाद) में सीधे केनगर कार्यालय पहुंचेंगी और स्थिति का जायजा लेंगी.

फिलहाल, स्थानीय लोगों और डरे हुए कर्मचारियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि केनगर प्रखंड के सभी सरकारी कार्यालयों के आसपास जमे जंगलों की छंटाई कराई जाए और कार्विलिक एसिड का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके.

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दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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