पूर्णिया के 3000 से अधिक किसानों को समय पर मिलेंगे बीज व खाद, 10 कृषि उद्यमियों को मिला लाइसेंस

Jeevika Syngenta Foundation: पूर्णिया जिले के किसानों को अब खाद और बीज के लिए न तो भटकना पड़ेगा और न ही कालाबाजारी का दंश झेलना होगा. जीविका और सिंजेंटा फाउंडेशन इंडिया के संयुक्त कृषि उद्यमी कार्यक्रम के तहत जिले के 5 प्रमुख प्रखंडों के 10 कृषि उद्यमियों को बीज एवं खाद विक्रय का सरकारी लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) सौंप दिया गया है, जिससे सीधे तौर पर 3 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे.

By Divyanshu Prashant | July 5, 2026 1:58 PM

पूर्णिया से अरुण कुमार की रिपोर्ट

Jeevika Syngenta Foundation: पूर्णिया जिले के ग्रामीण कृषि सेक्टर को आत्मनिर्भर और बिचौलियों से मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और जीविका दीदियों के नेटवर्क ने एक मजबूत कदम उठाया है. जीविका एवं सिंजेंटा फाउंडेशन इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में संचालित “कृषि उद्यमी कार्यक्रम” के तहत जिले के पांच महत्वपूर्ण प्रखंडों के 10 चयनित कृषि उद्यमियों को आधिकारिक रूप से बीज एवं खाद विक्रय का अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) प्रदान किया गया है. इस महत्वपूर्ण पहल से अब धमदाहा, पूर्णिया पूर्व, के. नगर, कसबा तथा डगरुआ प्रखंड के 3,000 से अधिक सीमांत और लघु किसानों को बिल्कुल सही समय पर, उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाले प्रामाणिक बीज एवं उर्वरक (खाद) स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे.

कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश; जिला कृषि पदाधिकारी ने सौंपे कागजात

इस नई व्यवस्था और लाइसेंस वितरण समारोह के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी: जिला मुख्यालय में आयोजित एक विशेष गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) हरिद्वार चौरसिया एवं सिंजेंटा फाउंडेशन इंडिया के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर रंजीत कुमार द्वारा संयुक्त रूप से इन उद्यमियों को लाइसेंस के कागजात सौंपे गए.
  • सिंडिकेट और कालाबाजारी पर चोट: अक्सर बुआई के सीजन में खाद की किल्लत और ऊंचे दामों पर बिक्री (कालाबाजारी) की शिकायतें आती हैं. जीविका की इस सीधी दखल से किसानों को निर्धारित सरकारी/वास्तविक दर पर कृषि इनपुट मिलेंगे, जिससे बिचौलियों का सिंडिकेट पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा.
  • समारोह में ये रहे उपस्थित: इस मौके पर कृषि विशेषज्ञ मिलन कुमार, अमरेंद्र कुमार तथा जीविका के जिला जीविकोपार्जन प्रबंधक कौशलेंद्र प्रसाद मुख्य रूप से उपस्थित रहकर नए उद्यमियों का हौसला बढ़ाया.

पूर्णिया में कृषि उद्यमी नेटवर्क: एक नजर में

जिले के सभी 14 प्रखंडों में इस योजना को जिस गति से विस्तार दिया जा रहा है, उसकी वर्तमान सांख्यिकीय स्थिति नीचे तालिका में दी गई है:

विभाग/संस्था का नेटवर्कजिले में कुल सक्रिय कृषि उद्यमीअब तक लाइसेंस प्राप्त उद्यमीमुख्य गंतव्य प्रखंड (ताजा आवंटन)
जीविका + सिंजेंटा फाउंडेशन245 कृषि उद्यमी (सभी 14 प्रखंडों को मिलाकर)140 कृषि उद्यमियों को अब तक मिल चुका है लाइसेंसधमदाहा, पूर्णिया पूर्व, के. नगर, कसबा और डगरुआ.

Jeevika Syngenta Foundation: शेष 105 उद्यमियों को भी जल्द मिलेगा लाइसेंस; बढ़ेगी उत्पादकता

परियोजना के दूरगामी लक्ष्यों को लेकर जीविका प्रबंधन और कृषि विभाग काफी रेस नजर आ रहा है.

जीविका कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के बचे हुए 105 कृषि उद्यमियों को भी बीज एवं उर्वरक विक्रय का लाइसेंस दिलाने के लिए कागजी प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी है. हमारा लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में ही एक ऐसा सुदृढ़ और पारदर्शी सप्लाई चेन नेटवर्क तैयार करना है, जहां किसानों को अपने गांव या पंचायत से बाहर न जाना पड़े. समय पर सही खाद-बीज मिलने से न सिर्फ फसलों की उत्पादकता (Productivity) बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए आजीविका के नए द्वार भी खुलेंगे.

स्थानीय प्रगतिशील किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि अमूमन धान और गेहूं की बुआई के समय बाजार में नकली बीजों की भरमार हो जाती है, जिससे पूरी फसल बर्बाद होने का डर रहता है. अब जीविका से प्रमाणित आउटलेट्स खुलने से किसानों को शुद्धता की शत-प्रतिशत गारंटी मिलेगी.

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