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Home बिहार पूर्णिया संविधान की रक्षा करना हमारा दायित्व

संविधान की रक्षा करना हमारा दायित्व

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संविधान की रक्षा करना हमारा दायित्व

संविधान के 75 वें वर्ष पूरा होने पर मुख्तरखाना में गोष्ठी का आयोजन पूर्णिया. मंगलवार को संविधान के 75वें वर्ष पूरा होने के उपलक्ष में अधिवक्ताओं ने मुख्तरखाना में एक गोष्ठी का आयोजन किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक ने की जबकि मंच का संचालन अधिवक्ता अरुणाभ भास्कर उर्फ गौतम वर्मा ने किया. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान एक अनमोल रत्न है और संविधान की आत्मा है और एक कुंजी भी है. भारतीय संविधान राष्ट्र की स्वाधीनता एवं सार्वभौमिकता का प्रतीक है. भारतीय संविधान की प्रस्तावना की शुरुआती शब्दों में इस बात पर जोर दिया गया है की अंतिम सत्ता भारतीय प्रजा में निहित है. संविधान का जन्म प्रजा की इच्छा अनुसार हुआ है. भारत का संविधान एक लंबा पर लेख है यह संसार के सारे लिखित और निर्मित संविधानों से विशाल और विस्तृत है. आज के दिन हमें संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद और प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर जी को भी याद कर उन्हें नमन करना चाहिए. भारत का संविधान दुनिया का सबसे सर्वश्रेष्ठ संविधान बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज संविधान की पूजा और उसकी रक्षा करना हमारा दायित्व बनता है. वक्ताओं ने कहा कि हम सभी अपने संविधान पर गौरवान्वित महसूस करते हैं. इस अवसर पर राजकुमार झा, राजेश झा, सुशील कुमार पप्पू, सुशील चंद्र झा, अंजलि श्रीवास्तव, सुष्मिता कुमारी, मुस्ताक आलम, संजीव सिन्हा, प्रवीण पासवान, मनोज झा, मनोज हार्दिक, भूपेंद्र शर्मा, मोहन झा, संजय कुमार वर्मा आदि के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता गण मौजूद थे. फोटो. 26 पूर्णिया 7- गोष्ठी में मौजूद अधिवक्ता.

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