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Home बिहार पूर्णिया विक्रमशिला पुल के ध्वस्त होने से पूर्णिया के जीएमसीएच पर बढ़ा मरीजों का दबाव

विक्रमशिला पुल के ध्वस्त होने से पूर्णिया के जीएमसीएच पर बढ़ा मरीजों का दबाव

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विक्रमशिला पुल के ध्वस्त होने से पूर्णिया के जीएमसीएच पर बढ़ा मरीजों का दबाव

भागलपुर यातायात के बंद होने से इलाज के लिए जीएमसीएच पहुंच रहे गंभीर रोगी

दबाव बढ़ने पर जीएमसीएच में आपात मरीजों की संख्या में 20 फीसदी का इजाफा

पूर्णिया. भागलपुर के विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद पूर्णिया के जीएमसीएच पर मरीजों का दबाव अचानक बढ़ गया है. यातायात संकट के कारण खास तौर पर भागलपुर स्थित अनेक अस्पतालों सहित मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए रास्ता बंद हो गया है और यही वजह है कि नवगछिया, कुर्सेला से लेकर खगड़िया के आस पास के इलाकों के आपात मरीजों के इलाज का सेंटर पूर्णिया का जीएमसीएच बन गया है. पूर्णिया के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा केंद्र पर गंभीर रूप से घायल, जख्मी एवं आपात सेवा की जरुरत वाले मरीजों की संख्या बढ़ोत्तरी देखी जा रही है. यह अलग बात है कि सभी रोगियों के समुचित इलाज के लिए जीएमसीएच की पूरी टीम समर्पित है.

अगर आंकड़े की बात की जाय तो विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद बीते दो सप्ताह में जीएमसीएच के आपात सेवा में आनेवाले मरीजों की संख्या में लगभग 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. इससे पूर्व जहां प्रतिदिन अनुमानतः प्रति शिफ्ट 50 से 60 मरीजों को उपचार के लिए जीएमसीएच के आपात सेवा केंद्र पर लाया जाता था उसकी संख्या प्रति शिफ्ट अमूमन 70 से ऊपर हो गयी है. इसी प्रकार तीनो शिफ्ट को मिलाकर 24 घंटे में यह संख्या 150 से बढ़कर लगभग 200 से ऊपर चली गयी है. हालांकि उपचार के बाद मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें छुट्टी भी दी जा रही है लेकिन कई मामलों के मरीजों को अस्पताल में भर्ती भी रखा जा रहा है.

सभी वार्डों के बेड हैं फुल

इन दिनों बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए जीएमसीएच के लगभग सभी वार्डों में सभी बेड फुल नजर आते हैं. वहीं अनेक मरीज अस्पताल के बरामदे पर भी इलाजरत हैं. आपातकालीन केंद्र के नर्सिंग स्टाफ इंचार्ज राहुल तथा ड्रेसर दीपक ने बताया कि जीएमसीएच में आपात स्थिति में मरीजों का आना लगातार जारी है ख़ास कर विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद कुर्सेला, नवगछिया और उनके अगल बगल के इलाकों को मिलाकर आपात सेवा में आने वाले मरीजों की संख्या में 20 फीसदी तक का इजाफा हुआ है.

दूरी की कमी से लोग पहुंचते हैं पूर्णिया

पूर्व में यातायात के सुचारू रहने से कुर्सेला, नवगछिया एवं खगड़िया और आसपास के मरीजों के लिए सर्व सुलभ रास्ता भागलपुर के लिए उपलब्ध था जहां बेहद कम समय में घायलों का त्वरित उपचार संभव था लेकिन भागलपुर के लिए आवागमन के बंद हो जाने के बाद उन इलाके के लोगों के लिए आपात सेवा हेतु राजधानी पटना अथवा मुजफ्फरपुर की जगह पूर्णिया स्थित जीएमसीएच तक पहुंचना जल्दी और सहज है. एक ओर नवगछिया से पटना की दूरी अधिक है तो दूसरी ओर उसकी जगह पूर्णिया लगभग 100 किलोमीटर के अन्दर. इसके अलावा सडक के मामले में भी पूर्णिया पहुंचना आसान है और आपात सेवा के लिए समय का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि त्वरित सहायता से ज्यादा से ज्यादा मरीजों की जान बचाई जा सकती है.

बोले अधीक्षक

इन दिनों जीएमसीएच के आपात सेवा में आनेवाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. खासकर भागलपुर आवागमन प्रभावित होने के बाद से नवगछिया, कुर्सेला, नारायणपुर, बीहपुर और खगड़िया के आसपास के इलाके से गंभीर कंडीशन के मरीज भी यहां पहुंच रहे हैं. इस वजह से मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है. जीएमसीएच में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर आनेवाले सभी मरीजों का इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है. डॉ. संजय कुमार, अधीक्षक जीएमसीएच

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