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इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

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इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जीएमसीएच में डॉ. मुस्तफा अशरफ बनाये गये नोडल पदाधिकारी

पूर्णिया. इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है और जिले में इससे सम्बंधित तैयारियां पूर्ण कर ली गयी हैं. उक्त संबंध में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि विभागीय निर्देश के आलोक में इबोला वायरस की संभावनाओं के मद्देनजर जिले में तैयारियां कर ली गयी हैं. सभी स्वास्थ्य केन्द्रों सहित अनुमंडलीय अस्पतालों में इलाज के लिए आनेवाले मरीजों में इबोला वायरस के लक्षणों के आधार पर उन्हें चिह्नित करते हुए जांच और इलाज करने को कहा गया है. इसके अलावा उन्हें अन्य मरीजों से अलग रखने के लिए अलग कमरे की व्यवस्था की गयी है. उन्होंने बताया कि जिले के दो अनुमंडलीय अस्पतालों में अलग आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है जहां संक्रमण की आशंका वाले मरीजों को रखा जाएगा. दूसरी ओर जिला मुख्यालय में स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भी इबोला सक्रमित मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड की तैयारी कर ली गयी है और इसके लिए डॉ. मुस्तफा अशरफ को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है.

गंभीर और जानलेवा रोग है इबोला

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इबोला रोग मनुष्यों में एक गंभीर और अक्सर जानलेवा बीमारी है. इबोला रोग में मृत्यु दर औसतन लगभग 50 प्रतिशत है. यह तीन अलग-अलग वायरस द्वारा फैलता हैं. इसके लक्षणों में बुखार, थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश के अतिरिक्त मरीज को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, त्वचा पर चकत्ते और गुर्दे व यकृत के कार्य में गड़बड़ी और रक्तश्राव के लक्षण दिखाई देते हैं. ऐसे मरीजों को अलग और विशिष्ट स्थानों पर रखकर उनका लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है. वहीं इसके फैलने के कारकों में वायरस संक्रमित जंगली जीवों में चमगादड़ और कुछ कुतरने वाले जीव शामिल हैं. इनके द्वारा दूषित किये गये फलों के सेवन से इस रोग के फैलने की आशंका बनी रहती है. जबकि संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से स्वस्थ व्यक्ति के भी इसके शिकार होने की सम्भावना बढ़ जाती है.

बोले सिविल सर्जन

प्राप्त निर्देश के आलोक में इबोला वायरस को लेकर सभी प्रखंडों में स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सकों एवं पीएचसी स्तर तक सभी को अलर्ट किया गया है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि इबोला वायरस के लक्षण वाले मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ विभाग को अविलम्ब इसकी सूचना देनी है. उन्हें आइसोलेशन में रखना है. जिले के दो अनुमंडलीय अस्पतालों बनमनखी एवं धमदाहा में 5-5 बेड की व्यवस्था की गयी है और इसके बारे में आम लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है.

डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया, सिविल सर्जन

बोले जीएमसीएच अधीक्षक

इबोला वायरस के संक्रमण को लेकर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल हेतु विभागीय गाइड लाइन प्राप्त हुआ है. प्रभावित मरीजों के रहने के लिए अलग आइसोलेशन हेतु स्थान चिन्हित कर लिया गया है. जीएमसीएच में इसके लिए डॉ. मुस्तफा अशरफ को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. फिलहाल पूर्णिया में इस तरह का कोई केस अभीतक नहीं आया है.

डॉ. संजय कुमार, अधीक्षक जीएमसीए

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