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Home बिहार पूर्णिया बैरिया गांव की बेटी गुंजन का प्रतिष्ठित नेशनल फेलोशिप के लिए हुआ चयन

बैरिया गांव की बेटी गुंजन का प्रतिष्ठित नेशनल फेलोशिप के लिए हुआ चयन

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बैरिया गांव की बेटी गुंजन का प्रतिष्ठित नेशनल फेलोशिप के लिए हुआ चयन

रूपौली. रूपौली प्रखंड के टीकापट्टी थाना क्षेत्र के बैरिया गांव निवासी मनोज यादव और संजू देवी की बेटी गुंजन कुमारी ने एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल कर रूपौली का नाम रौशन किया है. गुंजन दिल्ली विश्वविद्यालय में शोधार्थी है, जहां वह वह भगवान बुद्ध और महात्मा गांधी के नैतिक मूल्यों से संबंधित इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च कर रही है. इस बार उसका चयन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की नेशनल फेलोशिप के लिए हुआ है. यूजीसी और सीएसआइआर नेट के आधार पर यह फैलोशिप विज्ञान और सामाजिक विज्ञान संकाय को मिलाकर देश भर में केवल 1,000 रिसर्च स्कॉलरों को दी जाती है. गुंजन की यह उपलब्धि पूर्णिया जिले की लड़कियों के लिए बड़ी प्रेरणा है. गुंजन के पिता मनोज यादव किसान हैं और माता संजू देवी गृहिणी हैं. पांच भाई–बहनों में गुंजन तीसरे नंबर पर है. बैरिया गांव के ही सरकारी विद्यालय से अपनी प्रारंभिक पढ़ाई के बाद उसने रूपौली के प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय से मैट्रिक और रामपरी युगेश्वर इंटर कॉलेज कुरसेला से इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की है. तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में एमए में टॉप करने पर उसे बिहार के तत्कालीन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के हाथों से गोल्ड मेडल भी मिला था. उसने दिल्ली विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में भी अपने विभाग में ओबीसी श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल किया था. गुंजन की इस उपलब्धि पर घर में खुशी का वातावरण है. वह इस उपलब्धि का श्रेय माता–पिता के साथ–साथ अपने शिक्षकों और प्रोफेसरों को देती है. गुंजन का मानना है कि उसकी इस उपलब्धि से लड़कियों की शिक्षा के प्रति समाज की धारणा में सकारात्मक बदलाव होगा और आसपास के गांव की दूसरी प्रतिभावान लड़कियों के अभिभावक भी उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक होंगे. दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपनी रिसर्च पूरा करने के बाद गुंजन पोस्ट डॉक्टोरल फेलो के तौर पर ऑक्सफोर्ड या कैंब्रिज यूनिवर्सिटी जाना चाहती है. गुंजन का यह सफर उच्च शिक्षा हासिल करने की चाहत रखने वाली गांव की लड़कियों के लिए एक मिसाल की तरह है.

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