[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पूर्णिया सर्वे के लिए पंचनामा या आपसी सहमति से बनी वंशावली भी मान्य

सर्वे के लिए पंचनामा या आपसी सहमति से बनी वंशावली भी मान्य

0
सर्वे के लिए पंचनामा या आपसी सहमति से बनी वंशावली भी मान्य

– प्रखंड प्रमुख की अध्यक्षता में बैठक में सीओ ने विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर दी जानकारी प्रतिनिधि, अमौर . अमौर प्रखंड सभागार में शनिवार को बैठक में बिहार में चल रहे विशेष सर्वे के संबंध में रैयतों व पंचायत प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी दी गयी. प्रखंड प्रमुख असमेरून की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अंचल पदाधिकारी सुधांशु मधुकर ने कहा कि विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर किसी भी रैयत को भ्रमित या परेशान होने की जरूरत नहीं है. रैयत या उनके वंशज अपनी जमीन की जानकारी स्वघोषणा प्रपत्र दो में भरकर अंचल शिविर या भू-अभिलेख एवं परिमाप की वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं. खतियानी या जमाबंदी रैयत के वंशज प्रपत्र-3 (1) में वंशावली तैयार करके शिविर में जमा कर सकते हैं या वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं. स्वघोषणा के साथ राजस्व रसीद की फोटो कॉपी संलग्न करना जरूरी है. अगर जमीन खरीदी, बदली या दान में मिली है, तो उसकी फोटो कॉपी देनी होगी. अगर सक्षम न्यायालय का कोई आदेश है, तो उसकी फोटो कॉपी भी जमा करनी होगी. बैठक में सर्वे कार्य के लिए प्रतिनियुक्त शिविर प्रभारी प्रभाष कुमार व कानूनगो पंकज कुमार ने कहा कि रैयतों को 30 सितंबर तक अपनी जमीन से जुड़े कागजातों के साथ स्वघोषणा प्रपत्र जमा करना है. रैयतों को प्रपत्र 2 और प्रपत्र 3 (1) भरकर जमा करना अनिवार्य है. इन प्रपत्रों को ऑनलाइन या ऑफलाइन भरा जा सकता है.प्रपत्र 2 में रैयतों को अपनी जमीन का खाता, खेसरा, रकबा और चारों तरफ की सीमाओं की जानकारी देनी होगी. प्रपत्र 3 (1) में रैयतों को अपनी स्वघोषित वंशावली देनी होगी. अगर रैयत की बहनें हैं, तो उनका नाम वंशावली में शामिल करना अनिवार्य है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पैतृक जमीन के सर्वे के लिए वंशावली का पंजीकरण जरूरी नहीं है. पंचनामा या आपसी सहमति से बनी वंशावली भी मान्य होगी. दोनों प्रपत्रों की जानकारी के आधार पर सर्वेयर अमीन, कानूनगो और सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी जांच करेंगे. इसके बाद प्रपत्र 7 में गजट प्रकाशित किया जाएगा. बैठक में विशेष सर्वेक्षण अमीन विशाल कुमार ने सर्वेक्षण से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी . बैठक में प्रमुख प्रतिनिधि अफसर नदवी, पूर्व मुखिया मुस्तफा, वर्तमान मुखिया राजेश कुमार, शहाबुद्दीन, कुदुश आलम, शाकिर आलम, सज्जाद आलम सहित भारी संख्या में रैयत व पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे . फोटो. 7 पूर्णिया 23-अमौर प्रखंड में जमीन सर्वे को लेकर आयोजित बैठक में शिरकत करते अधिकारी व जनप्रतिनिधि.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel