पूर्णिया में लीची के दाम 300 रुपये सैकड़ा पार, खीरा और नारियल भी महंगे

Purnia News : वट सावित्री को लेकर बाजार में फलों के भाव ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. इस व्रत में लीची, आम एवं खीरा का डलिया में भोग लगाने का महत्व है. इसलिए बाजार में लीची, आम एवं खीरा की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है.

By AMIT KR SINHA | May 15, 2026 1:34 PM

पूर्णिया से सत्येन्द्र सिन्हा गोपी की रिपोर्ट:

पूर्णिया में वट सावित्री पर्व के नजदीक आते ही फलों और पूजन सामग्री के दाम आसमान छूने लगे हैं. खासकर लीची इस बार लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है. बाजार में लीची की कीमत 300 रुपये प्रति सैकड़ा के पार पहुंच गयी है. आम, सेब, नारियल और खीरा के दामों में भी जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. व्यापारियों का कहना है कि कम आवक और कमजोर फलन की वजह से इस बार बाजार में महंगाई ज्यादा है.

लीची बनी बाजार की सबसे महंगी मिठास

पूर्णिया के फल बाजारों में इन दिनों लीची सबसे ज्यादा चर्चा में है. वट सावित्री पर्व में लीची को प्रसाद के रूप में चढ़ाने की परंपरा के कारण इसकी मांग काफी बढ़ गई है.

व्यापारियों के अनुसार इस साल लीची की आवक पिछले वर्ष की तुलना में कम है. वहीं स्थानीय स्तर पर भी फलन कमजोर रहा है. यही वजह है कि लीची की कीमत 300 रुपये प्रति सैकड़ा से ऊपर पहुंच गई है.

ग्राहकों का कहना है कि त्योहार के कारण मजबूरी में महंगे दाम पर भी फल खरीदने पड़ रहे हैं.

आम और सेब के दाम भी चढ़े

बाजार में नए सीजन के आम की कीमतें भी ऊंचाई पर बनी हुई हैं. नवरस और बम्बई आम 100 से 120 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं.

वहीं सेब की कीमत 200 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है. फलों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है.

खीरा और नारियल भी दिखा रहे तेवर

वट सावित्री पर्व में इस्तेमाल होने वाले खीरा और नारियल के दामों में भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है. सामान्य दिनों में 25 से 30 रुपये किलो बिकने वाला खीरा अब 60 रुपये प्रति किलो से अधिक में बिक रहा है.

वहीं नारियल की कीमत 60 से 70 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गई है. पूजन सामग्री खरीदने पहुंचे लोग महंगाई को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं.

बांस के पंखों की भी बढ़ी मांग

त्योहार को लेकर बाजार में बांस से बने पारंपरिक पंखों की मांग भी बढ़ गई है. एक पंखा 40 से 45 रुपये में बिक रहा है.

दुकानदारों का कहना है कि पर्व के कारण अगले कुछ दिनों तक बाजार में भीड़ और खरीदारी दोनों बढ़ी रहेंगी.