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सड़क किनारे के सूखे पेड़ बने खतरा, हादसे की आशंका

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सड़क किनारे के सूखे पेड़ बने खतरा, हादसे की आशंका

शहर में सूख कर अंतिम घड़ियां गिन रहे हैं एक दर्जन से अधिक पेड़

बारंबार गुहार के बावजूद हादसों से बचाव को नहीं हटाए जा रहे सूखे पेड़

शिकायतों को अनसूना कर रहे विभागीय अधिकारी, नहीं दे रहे कोई ध्यान

पूर्णिया. शहर की सड़कों के किनारे खड़े कई पेड़ सूख गये हैंं. इससे हर वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. इसके आसपास से गुजरने वाले लोग दुर्घटना को लेकर डरे रहते हैं, विशेषकर तब जब तेज हवा चल रही हो. निगम प्रशासन भी इन सूखे पेड़ों को जल्द से जल्द काटने गयी हटाने पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है. गर्मी के इस मौसम आंधी-तूफान आने की संभावना अधिक रहती है. लोग इस बात को लेकर आशंकित हैं कि ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. गौरतलब है कि जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में कई जगहों पर सड़क के किनारे लगे पेड़ सूख गए हैं. हालांकि अभी तेज हवा या आंधी का दौर शुरू नहीं हुआ है पर यह माना जा रहा है कि इसका समय आ गया है और सूखे पेड़ों के सड़क के किनारे पड़े रहने से बड़ी दुर्घटना हो सकती है. अगर देखा जाए तो मुख्य शहर में इंदिरा गांधी स्टेडियम के सामने पूरब, भूतनाथ मंदिर चौक, रंगभूमि चौक से थाना चौक बीच पश्चिम, उपविकास आयुक्त आवास के सामने उत्तर के दिशा में सड़क किनारे पेड़ न केवल सूख गये हैं बल्कि दुर्घटना को भी दावत दे रहे हैं. इन सभी सड़कों पर सुबह से रात तक अनगिनत छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है. आंधी या तेज हवा में ये सूखे पेड़ किसी वाहन पर गिर जाएं तो लोग जख्मी भी हो सकते हैं.

गुलाबबाग में भी बनी है आशंका

जिला मुख्यालय से थोड़ा हट जाएं तो गुलाबबाग के बागेश्वरी स्थान में नारीयल का सूखा पेड़ पूरे मुहल्ले के लोगों को आशंकित किया हुआ है. स्थानीय लोगों की मानें तो बिजली के ठनका गिरने से यह पेड़ सूख गया था. पिछले साल आंधी आने पर यह पेड़ इस कदर लहरा रहा था मानो अब टूट कर नीचे किसी को जख्मी कर जाएगा. स्थानीय लोगों ने बताया कि इसकी सूचना विभाग को एक साल पहले ही दी गई थी पर इस दिशा में कोई पहल नहीं हो सकी. इस पेड़ के गिरने से न केवल जान माल का नुकसान हो सकता है बल्कि 440 वोल्ट वाले बिजली के तार भी टूट कर नीचे आ सकते हैं जिससे अलग खतरा हो सकता है.

सामने से आवाजाही फिर भी नहीं पड़ रही नजर

दरअसल, शहर और आसपास एक दर्जन से अधिक पेड़ सूख कर अंतिम घड़ियां गिन रहे हैं. इस पर किसी भी अधिकारी की नजर नहीं पड़ रही है. क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इसकी शिकायत अनेक बार विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन इस पर ध्यान कोई नहीं दे रहा है. याद रहे कि पिछले दिनों डाकबंगला चौक लाइन बाजार में सड़क किनारे सूखे पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और तीन लोग घायल भी हुए थे. विडम्बना तो यह है कि इस ओर से रोजाना कई सरकारी पदाधिकारी एवं पुलिस कर्मियों का जाना-आना इस ओर से होता है, लेकिन सब कुछ देखकर अंजान बने रहते हैं. लोगों का कहना है कि पेड़ गिरने की घटना के बाद ही विभाग की नींद टूटती है. स्थानीय नागरिकों ने सूखे पेड़ों को जल्द से जल्द हटाने की मांग की है और कहा है कि अभी मानसून के दिनों में इन सूखे पेड़ों के गिरने का खतरा प्रबल हो जाता है.

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कहते हैं अधिकारी

शहर के मुख्य सड़क किनारे जितने भी सूखे पेड़ हैं, सभी सूखे पेड़ों की कटाई कर के हटाया जायेगा. सभी सूखे पेड़ों का सर्वे किया जा रहा है. सर्वे का काम पूरा होते ही हटा दिया जायेगा.

परिचय: सत्येंद्र कुमार झा, रेंजर वन विभाग पूर्णिया

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कहते हैं लोग

1. शहर के बीचों बीच इंदिरा गांधी स्टेडियम के सामने मुख्य सड़क के किनारे लगे पेड़ सूखकर दुर्घटना को दावत दे रहे हैं. जिससे कभी भी बड़ी घटना घट सकती है. ये पेड़ कई महीने से सूखे हुए हैं. यदि तेज आंधी या तेज बारिश हुई तो कभी भी गिर जाएगें. वन विभाग को अविलंब सूखे पेड़ को हटा देना चाहिए.

फोटो; 28 पूर्णिया 6- अनिल चौधरी़, समाजसेवी 2. शहर में सूखे पेड़ जगह-जगह मुख्य सड़क किनारे है. इसके बाद भी इन पेड़ों को हटाया नहीं जा रहा है. इसके कारण दुर्घटना का खतरा बना हुआ है. शहर के कोशी कॉलोंनी में कई माह से सड़क किनारे सूखे पेड़ खड़े हैं. लोगों को यह पेड़ डरा रहा है. रोजाना इस सड़क हो कर छोटे छोटे बच्चे स्कूल भी आवाजाही करते हैं.

फोटो: 28 पूर्णिया 7- शशि कुमार, समाजसेवी 3: मानसून प्रवेश कर गया है. हालांकि बारिश नहीं हो रही है. लेकिन तेज बारिश होने पर रंगभूमि चौक से थाना चौक के बीच सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे सड़क किनारे सूखे पेड़ गिरने से दुर्घटना होने की भय लोगों को सता रहा है. सड़क पर चौबीस घंटे आवाजाही होती है. इसके बावजूद यह सूखे पेड़ कई माह से पड़े हैं.

फोटो: 28 पूर्णिया 8-प्रवीण चौरसिया, सामाजिक कार्यकर्ता 4: शहर के मुख्य सड़क किनारे सूखे पेड़ पूरी तरह से खोखले हो रहे हैं. किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. शहर के थाना चौक से गायत्री मंदिर के बीच सड़क किनारे और उपविकास आयुक्त आवास के सामने सड़क किनारे पेड़ पेड़ सूखे हैं. सूखे पेड़ को देखकर राहगीर सहमे रहते हैं. कभी भी तेज हवा से गिर सकते है.

फोटो: 28 पूर्णिया 9-दीपक हिन्दुस्तानी, सामाजिक कार्यकर्ता

…………………………….फोटो. 28 पूर्णिया 1- इंदिरा गांधी स्टेडियम के सामने सड़क किनारे सूखे पेड़

2- कोशी कॉलोनी सड़क किनारे सूखे पेड़

3-भूतनाथ मंदिर के पास सूखा पेड़

4- थाना चौक सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे सड़क किनारे सूखे पेड़

5- कला भवन सड़क से सटे सूखे पेड़

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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