[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पूर्णिया पूर्णिया सीट पर हुई करारी हार से राजद खेमे में मचा भूचाल, जिला प्रधान महासचिव ने दिया इस्तीफा

पूर्णिया सीट पर हुई करारी हार से राजद खेमे में मचा भूचाल, जिला प्रधान महासचिव ने दिया इस्तीफा

0
पूर्णिया सीट पर हुई करारी हार से राजद खेमे में मचा भूचाल, जिला प्रधान महासचिव ने दिया इस्तीफा

– कहा- जितने पार्टी में पदाधिकारी व कार्यकर्ता हैं, उतने वोट भी नहीं आये

– ताजा घटनाक्रम से जिलाध्यक्ष पर भी बढ़ गया इस्तीफे का दबाव

– जवाबदेही से बचने के लिए अब एक-दूसरे पर फोड़ने में जुटे हार का ठीकरा

पूर्णिया. पूर्णिया लोकसभा चुनाव में राजद की हुई करारी हार के बाद से पार्टी के अंदर भूचाल आ गया है. अपनी-अपनी जवाबदेही से बचने के लिए अब एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ने में जुट गये हैं. इसी बीच, राजद के जिला प्रधान महासचिव अभय कुमार सिन्हा उर्फ बंटी सिन्हा ने चुनाव में पार्टी प्रत्याशी की हार की नैतिक जवाबदेही लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सिन्हा के इस कदम से अब पार्टी के जिलाध्यक्ष पर भी इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र में श्री सिन्हा ने कहा है कि जिले में बने जिला, प्रखंड, पंचायत एवं बूथ स्तर पर जितने पदाधिकारियों की संख्या पार्टी सूची में शामिल है, उतना भी वोट पार्टी प्रत्याशी को नहीं मिला है. यह संगठन की नगण्य स्थिति को दर्शाता है. श्री सिन्हा ने कहा कि मैं प्रधान महासचिव होने के नाते चुनाव में पार्टी की हार की जवाबदेही लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देता हूं. मैं पार्टी के सदस्य के रूप में पार्टी का काम करता रहूंगा.

राजद ने अब तक दो बार अपना प्रत्याशी उतारा

दरअसल,पार्टी के एक धरा का मानना है कि कमजोर और कागजी संगठन की वजह से चुनाव में पार्टी की यह दुर्गति हुई. अन्यथा पार्टी की यह हालत न पहले थी और न अभी है. इस सीट से राजद ने अबतक दो बार अपना प्रत्याशी उतारा है. दोनों ही बार उन्हें शिकस्त मिली पर हार का अंतर इतना बड़ा नहीं था जिससे पार्टी की सेहत पर कोई असर पड़े. राजद नेतृत्व ने इससे पहले 1998 में तब के धमदाहा विधायक दिलीप कुमार यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था. इस चुनाव में श्री यादव 58225 वोट लेकर चौथे स्थान पर थे. उस वक्त यह माना गया कि यादव उम्मीदवार होने की वजह से अन्य जातियां राजद से बिदककर दूसरी पार्टियों में चली गयी. करीब 25 साल बाद राजद नेतृत्व ने दूसरी बार इस सीट से पांच बार की विधायक रह चुकीं बीमा भारती पर दांव खेला. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने इस बार एम और वाई समीकरण के साथ अति पिछड़ा कार्ड खेल कर विपक्ष की एक तरह से नींद हराम कर दी. क्योंकि राजद के भाजपा के कोर वोट बैंक में ही सेंध मारने की कोशिश की. वैसे यह बात दीगर है कि पप्पू यादव के निर्दलीय खड़ा होने से लालू के यह सारे समीकरण न केवल ध्वस्त हो गये बल्कि उल्टे दांव पड़ गये.

राजद प्रत्याशी को मिले नोटा से तीन हजार अधिक मत

इस चुनाव में राजद प्रत्याशी बीमा भारती को कुल 27017 वोट मिले हैं. यह वोट नोटा में मिले कुल 23819 वोट से मात्र 3198 वोट अधिक हैं. इतना ही नहीं जिस रूपौली विधानसभा से बीमा भारती पांच टर्म से विधायक रह चुकी हैं, वहां मात्र 10968 वोट में सिमट कर रह गयीं. इस विधानसभा से जदयू प्रत्याशी संतोष कुशवाहा को तकरीबन 25 हजार की बढ़त मिली. चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि मतदान के अंतिम क्षण में बीमा का अपना स्वजाति वोट भी उनसे खिसककर अधिकांश जदयू और थोड़ा बहुत पप्पू यादव की झोली में चला गया. राजद के प्रदेश महासचिव और इस चुनाव में करीब से रहे आमोद मंडल भी इस बात को मानते हैं कि राजद का जनाधार (यादव-मुस्लिम) वाले वोट के चले जाने से अंतिम क्षण में बीमा को अपना स्वजाति वोट भी दगा दे गया. पिछले 2020 के रूपौली विधानसभा में बीमा को 64 हजार, 2015 मे 50 हजार और 2010 में 64 हजार से अधिक वोट मिले थे.

पार्टी के शीर्ष नेताओं से हार की समीक्षा की मांग

पार्टी का एक तबका हार की इस वजह पर समीक्षा के पक्षधर है. उनका मानना है कि इसकी समीक्षा होनी चाहिए कि पार्टी के प्रमुख नेताओं के बूथ पर कितने वोट मिले. ऐसे नेताओं ने कुछ बूथ का नंबर दिखाते हुए कहा कि इस बूथ पर पार्टी प्रत्याशी को दो अंकों में भी वोट नहीं मिले हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि लालू-तेजस्वी के आगे-पीछे घूमने वाले नेता अगर अपने परिवार का भी वोट डलवाने में सफल हुए होते तो शायद यह नौबत नहीं आती. इसलिये इसकी समीक्षा जरूरी है ताकि आनेवाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत हो सके. पार्टी के वरिष्ठ नेता अभय सिन्हा का मानना है कि यह वोट लालू-तेजस्वी के नाम से मिले हैं. संगठन के बल पर नहीं. उन्होने लोकसभा चुनाव के नतीजे से सबक लेते हुए पार्टी के शीर्ष नेताओं से इसकी समीक्षा करने की मांग की है.

फोट- 6 पूर्णिया 6- बीमा भारती फाइल फोटो

…………

पूर्णिया लोकसभा सीट के प्रत्याशियों को मिले कुल मत

अरूण दास, बसपा- 10595

बीमा भारती, राजद-27017

संतोष कुमार, जदयू-543313

किशोर कुमार यादव, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक- 6846

नोमान आलम, निर्दलीय-7693

पप्पू यादव, निर्दलीय-566867

सत्येन्द्र यादव, निर्दलीय-8457

……………………….

रूपौली विधानसभा, मिले मत

1. बीमा भारती- राजद- 10968

2. संतोष कुमार-जदयू- 974693. राजेश रंजन- निर्दल- 72795

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel