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Home बिहार पूर्णिया किशोर कुणाल की जीवनी से वर्तमान पीढ़ी को सीख लेने की जरूरत

किशोर कुणाल की जीवनी से वर्तमान पीढ़ी को सीख लेने की जरूरत

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किशोर कुणाल की जीवनी से वर्तमान पीढ़ी को सीख लेने की जरूरत

श्रद्धांजलि समारोह पूर्णिया. स्थानीय शांति निकेतन हाता में पूर्व आइपीएस आचार्य किशोर कुणाल के मरणोपरांत श्रद्धांजलि समारोह आयोजित की गयी. इसकी अध्यक्षता स्वामी सहजानंद सरस्वती विचार मंच पूर्णिया के मार्गदर्शक भोला प्रसाद चौधरी ने की. सर्वप्रथम आचार्य किशोर कुणाल के तैल चित्र पर पुष्प माला चढ़ाकर दो मिनट का मौन रखा गया. अपने अध्यक्षीय भाषण में भोला प्रसाद चौधरी ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल एक कर्तव्य परायण, धर्मनिष्ठ और ईमानदार आइ पी एस थे, जिन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनायी. स्वामी सहजानंद सरस्वती विचार मंच पूर्णिया के सचिव पंकज कुमार ने किशोर कुणाल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्व. कुणाल का जन्म दस अगस्त 1950 को मुजफ्फरपुर के बरूराज में एक अति साधारण परिवार में हुआ था. पटना विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूर्ण करने पर भारतीय पुलिस सेवा में चुने गये. गुजरात कैडर के होने पर 1983 में इनको बिहार के पटना का एस पी बनने का मौका मिला,जिससे अपने कार्य कौशल से न केवल बिहार अपितु पूरे देश में चर्चित हुए. वर्ष 2000 में सरकारी से ऐच्छिक अवकाश प्राप्त करने पर बिहार के राज्यपाल ने इन्हें कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया,जिसमें उन्होंने 2004 तक सेवा दी. पंकज कुमार ने कहा कि इनके जीवन का मुख्य उद्देश्य देश और समाज में सुख शांति का स्थापना करना था.जीवन भर खुद कष्ट झेलकर दूसरों को सुख और इंसाफ दिलाना इनका उद्देश्य था. उक्त अवसर पर स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि अमरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि किशोर कुणाल जी की जीवनी से वर्तमान पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए. श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित लोगों ने इनके प्रति अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किए. उपस्थित लोगों में मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश प्रसाद सिंह,कृषि वैज्ञानिक भूपेंद्र चौधरी,उदय प्रकाश चौधरी,सीताराम सिंह,गोपाल दास सामाजिक कार्यकर्ता, डॉ उमेश दास अमित कुमार,सुबोध कुमार चौधरी,शुभम कुमार, विद्यासागर सिंह, गुड्डू सिंह, पप्पू जी, सुधीर चौधरी, हरिमोहन झा, मनमोहन झा, नीरज कुमार सहित अनेक लोगों ने श्रद्धांजलि समारोह में भाग लेकर कार्यक्रम सफल बनाया. फोटो. 2 पूर्णिया 4 – श्रद्धांजलि समारोह में मौजूद लोग.

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