बिहार पुलिस को मिले 267 नए सिपाही, पूर्णिया में भव्य पासिंग आउट परेड संपन्न

Bihar Police Passing Out Parade: पूर्णिया पुलिस लाइन में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले. खाकी वर्दी में बेटों को देखकर परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गईं.

By Shruti Kumari | June 24, 2026 12:33 PM

पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट:

Bihar Police Passing Out Parade: बिहार पुलिस को 267 नए सिपाहियों की सौगात मिली है. पूर्णिया पुलिस लाइन में आयोजित पासिंग आउट परेड एवं दीक्षांत समारोह के साथ इन नवप्रशिक्षित सिपाहियों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया. प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी जवानों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया और देश व समाज की सेवा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने की शपथ ली.

समारोह में पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी विवेकानंद, जिलाधिकारी अंशुल कुमार एवं एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने संयुक्त रूप से परेड की सलामी ली और जवानों के अनुशासित मार्च का निरीक्षण किया. इस दौरान पुलिस लाइन देशभक्ति और उत्साह के माहौल से गूंजता रहा.

ईमानदारी और संवेदनशीलता पुलिस की पहचान : आईजी

नवप्रशिक्षित सिपाहियों को संबोधित करते हुए आईजी विवेकानंद ने कहा कि पुलिस का मूल दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है. उन्होंने जवानों को ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ सेवा करने की सलाह दी.

उन्होंने कहा कि आम जनता के साथ बेहतर व्यवहार पुलिस की सकारात्मक छवि बनाता है. करियर की शुरुआत कर रहे जवानों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कार्य करें जिससे उनकी वर्दी पर कभी कोई दाग न लगे. उन्होंने पुलिस और जनता के बीच विश्वास कायम करने पर भी विशेष बल दिया.

वर्दी का सम्मान आपकी ईमानदारी से है : एसएसपी

एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि पुलिस की नौकरी केवल रोजगार नहीं बल्कि समाज सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में संविधान सर्वोपरि रहेगा और पुलिसकर्मियों को महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील तथा अपराधियों के प्रति सख्त रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आज से सभी जवान कानून के रक्षक हैं. मैदान में कार्य करते समय हमेशा याद रखें कि वर्दी का सम्मान आपकी ईमानदारी, निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा से है. पीड़ित और लाचार व्यक्ति जब पुलिस के पास आता है तो उसकी उम्मीदें पुलिस से जुड़ी होती हैं. ऐसे में बिना किसी भेदभाव के न्यायपूर्ण कार्य करना आवश्यक है.

संविधान और राष्ट्र सेवा की दिलाई गई शपथ

समारोह में सभी नवप्रशिक्षित सिपाहियों को भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा रखने, देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने तथा बिना किसी भेदभाव के आम जनता की सेवा करने की शपथ दिलाई गई.

इस अवसर पर पुलिस केंद्र के अधिकारी, सार्जेंट मेजर, प्रशिक्षक और जवानों के परिजन भी मौजूद रहे.

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु हुए सम्मानित

प्रशिक्षण अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु सिपाहियों को आईजी एवं एसएसपी ने मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.

सम्मानित प्रशिक्षुओं में विक्रम कुमार झा, धीरज कुमार यादव, जीवराज कुमार, सुधाकर कुमार विशाल, हिमांशु कुमार, उत्तम कुमार, राहुल कुमार, संदीप सुमन, राजन कुमार, विक्की कुमार, प्रिंस कुमार, लव कुश कुमार एवं राहुल कुमार शामिल रहे.

खाकी में बेटों को देख भावुक हुए परिजन

दीक्षांत समारोह के बाद पुलिस लाइन में कई भावुक दृश्य देखने को मिले. खाकी वर्दी में अपने बेटों को देखकर माता-पिता की आंखें खुशी से नम हो गईं. एक नवप्रशिक्षित सिपाही के भाई ने गर्व से उसे अपने कंधों पर उठा लिया, जिससे पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.

कड़े प्रशिक्षण के बाद पासिंग आउट परेड का हिस्सा बने जवानों के चेहरे पर देश और राज्य की सेवा का उत्साह साफ झलक रहा था.

बेटे ने माता-पिता को पहनाई पुलिस टोपी

सहरसा के नवप्रशिक्षित सिपाही कृष्णा कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देते हुए अपनी पुलिस टोपी उनके सिर पर रखी और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया. किसान परिवार से आने वाले कृष्णा के माता-पिता ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में बेटे को पढ़ाया और आज उसे वर्दी में देखकर गर्व के साथ खुशी के आंसू निकल पड़े.

समारोह में अपर पुलिस अधीक्षक आलोक रंजन, एसडीपीओ-1 अभिनव पराशर, एसडीपीओ-2 डॉ. गौरव कुमार, यातायात डीएसपी रंजन कुमार सिंह सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे.

और पढ़ें: बिहार के सभी थानों को डिजिटल बनाने की तैयारी, अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण