[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पूर्णिया बेलौरी में प्रसिद्ध शीतला मेला में उमड़ी आस्था, देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने मत्था टेका

बेलौरी में प्रसिद्ध शीतला मेला में उमड़ी आस्था, देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने मत्था टेका

0
बेलौरी में प्रसिद्ध शीतला मेला में उमड़ी आस्था, देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने मत्था टेका

पूर्णिया पूर्व . पूर्णिया पूर्व प्रखंड के बेलौरी कृष्णा पुरी कॉलोनी स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में बुधवार को श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा. आस्था और विश्वास के इस संगम में न केवल स्थानीय लोग, बल्कि पड़ोसी देशों नेपाल, भूटान और बांग्लादेश और भारत के विभिन्न राज्यों से आए हजारों भक्तों ने माता के दरबार में मत्था टेका. मेले का आगाज बुधवार सुबह 6 बजे मंगला आरती के साथ हुआ. मंदिर परिसर को 8 क्विंटल विदेशी और सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था .जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई. दोपहर तक स्थिति यह थी कि तिल रखने की भी जगह नहीं बची. लंबी कतारों में लगे भक्त अपनी बारी का इंतजार करते दिखे, जबकि पूरा वातावरण ””””जय माता दी”””” के जयघोष से गुंजायमान रहा. पूजा कमिटी ने बताया कि इस वर्ष सिलीगुड़ी, दिल्ली, राजस्थान और दमनदीव के साथ-साथ नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे है. भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा. मेले की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे. मुफस्सिल थानाध्यक्ष सुदीन राम के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस के जवान, महिला पुलिस और दंडाधिकारी तैनात रहे. मेला कमेटी के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने सुरक्षा और कतार प्रबंधन में पुलिस का सहयोग किया. मंदिर परिसर कटिहार-जोगबनी रेल खंड के बिल्कुल समीप होने के कारण सुरक्षा को लेकर चुनौती बनी रही पटरी पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अत्यंत धीमी गति से ट्रेनें गुजरी. दोपहर बाद जैसे ही माता का खिचड़ी महाभोग वितरण शुरू हुआ, भक्तों में उसे पाने की होड़ मच गई. मेला कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद देवनाथ ने बताया कि इस वर्ष महाप्रसाद के लिए लगभग 20 क्विंटल चावल का उपयोग किया गया है. भक्तों की सुविधा के लिए चढ़ावा हेतु टोकन सिस्टम लागू किया गया था ताकि किसी को असुविधा न हो. कमेटी के सदस्य पवन यादव, रितेन सरकार और अन्य ने बताया कि श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया. इस मेले को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की अहम भूमिका रही.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel