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Home बिहार पूर्णिया मिट्टी की संरचना व उर्वरता को बनाये रखने के लिए संतुलित उर्वरक जरूरी

मिट्टी की संरचना व उर्वरता को बनाये रखने के लिए संतुलित उर्वरक जरूरी

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मिट्टी की संरचना व उर्वरता को बनाये रखने के लिए संतुलित उर्वरक जरूरी

भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजत कृषि उपादान विक्रेताओं को समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर दिया गया प्रशिक्षण पूर्णिया. भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया में कृषि उपादान विक्रेताओं के लिए 15 दिवसीय समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषयक प्रशिक्षण का विधिवत उद्घाटन किया गया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सह अधिष्ठाता-सह-प्राचार्य डॉ. डी. के. महतो, नोडल पदाधिकारी डॉ. आशीष रंजन, विश्वविद्यालय प्राध्यापक-सह-मुख्य वैज्ञानिक डॉ. जनार्दन प्रसाद एवं उपस्थित प्रशिक्षुओं द्वारा संयुक्त रूप से शुभारंभ किया गया. उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. डी. के. महतो ने कहा कि खेती में समेकित पोषक तत्व प्रबंधन करना परम आवश्यक है. इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति के साथ जल संधारण की क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है. साथ ही साथ कृषि में लागत मूल्य में भी कमी आती है.उन्होंने कहा कि मानव के दैहिक जीवन के लिए जिस प्रकार संतुलित भोजन की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार मिट्टी की संरचना व उर्वरता को बनाये रखने के लिए संतुलित उर्वरक का प्रयोग करना आवश्यक है. इस तरह का प्रशिक्षण कृषि उपादान विक्रेताओं के लिए विशेषतया ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि किसान सीधे अपने खेत की समस्याओं के लिए अपने नजदीक के कृषि उपादान विक्रेताओं से संपर्क करते हैं और समाधान पाते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इस प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रही है. डॉ. जनार्दन प्रसाद ने प्रशिक्षण की रूपरेखा, महत्ता आदि की चर्चा करते हुए कहा कि समेकित पोषक तत्व प्रबंधन का आधुनिक खेती में महत्वपूर्ण स्थान है. आधुनिक कृषि के अन्तर्गत टिकाऊ खेती में नित्य नए अनुसंधान किये जा रहे हैं. वैसी दशा में समेकित पोषक तत्व प्रबंधन बहुत की प्रासंगिक है. यह विधि कृषि में लागत मूल्यों को कम करने में मददगार है. प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी-सह-पीआरआ डॉ. आषीष रंजन ने प्रशिक्षण का विस्तृत रूप-रेखा प्रस्तुत किया. इस अवसर पर प्रशिक्षु ने भी अपन अपने विचार रखे. ज्ञात हो कि कुलपति बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर डॉ. डी. आर. सिंह के दिशा निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण में तीन जिले यथा पूर्णिया, कटिहार एवं अररिया के कुल 30 प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं जिसमें अधिकतर पैक्स प्रबधंक सम्मिलित है. इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी वैज्ञानिकों में मुख्य रूप से सह-समन्वयक डॉ. चेतना सीके एवं श्रीमती स्नेहा, डॉ॰ जय प्रकाष प्रसाद, डॉ॰ एस॰ आर॰ पी॰ सिंह, डॉ॰ तपन गोरई, डॉ. विकास कुमार तथा कर्मचारियों में सहायक नियंत्रक बिनोद कुमार झा, नवीन लकड़ा, श्रवण कुमार आदि सक्रिय रूप से उपस्थित थे. स्नेहा ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

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