[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पूर्णिया विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर जीएमसीएच में चला जागरूकता कार्यक्रम

विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर जीएमसीएच में चला जागरूकता कार्यक्रम

0
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर जीएमसीएच में चला जागरूकता कार्यक्रम

मानव शरीर में उच्च रक्तचाप है साइलेंट किलर

पूर्णिया. राजकीय मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर परिवार अंगीकरण कार्यक्रम के तहत व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की समय रहते पहचान, रोकथाम और जीवनशैली में सुधार के लिए जागरूकता फैलाना था. इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. अभय कुमार ने डिमॉन्स्ट्रेशन कक्ष में एमबीबीएस द्वीतीय वर्ष के छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च रक्तचाप एक प्रकार से साइलेंट किलर है, जिसका समय रहते नियंत्रण नहीं किये जाने से कई प्रकार के घातक परिणाम सामने आते हैं इनमें हृदयाघात, लकवा (स्ट्रोक) और गुर्दा रोग जैसी गंभीर बीमारी प्रमुखता लिए होते हैं. लेकिन समय पर रक्तचाप की जांच उचित खानपान, व्यायाम, तनाव प्रबंधन आदि के द्वारा जीवनशैली में बदलाव लाने पर इस खतरनाक रोग को काफी हद तक रोका जा सकता है. उन्होंने छात्रों से उनके द्वारा अपनाए गए परिवारों के प्रत्येक 20 वर्ष से ऊपर के सदस्यों का रक्तचाप जांचने, उन्हें जरुरी परामर्श देने और उनमें स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढाने के लिए प्रयासरत रहने को कहा. इसके अलावा सभी छात्रों को घर-घर जाकर जानकारी एकत्र कर इंटर्न्स के माध्यम से विभाग को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया. वहीं प्राचार्य डॉ. हरिशंकर मिश्रा ने सामुदायिक चिकित्सा विभाग की इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए एक अनुकरणीय प्रयास बताया. कार्यक्रम में डॉ. कुमार हिमांशु सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे. इसी कड़ी में कसबा प्रखंड के तरानगर गांव में एक विशेष अभियान के तहत लगभग 150 से अधिक ग्रामीणों के रक्तचाप की जांच की गई. टीम द्वारा लोगों को संतुलित आहार, नमक सेवन में कमी, तंबाकू और शराब से बचाव तथा नियमित जांच की जानकारी दी गई. स्थानीय निवासियों ने मेडिकल कॉलेज की टीम का स्वागत करते हुए भरपूर सहयोग प्रदान किया. डॉ. अभय कुमार ने यह भी बताया कि अगले सप्ताह खैरूगंज में मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की स्क्रीनिंग हेतु एक शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमें रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ़ डायबीटीज इन इंडिया के बिहार चैप्टर की सामुदायिक पहुंच कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel