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Home बिहार पूर्णिया 28 साल पुराने केस में पुलिस ने की कुर्की-जब्ती, एसडीपीओ बोले- जो आरोपित मृत घोषित, उसकी करेंगे जांच

28 साल पुराने केस में पुलिस ने की कुर्की-जब्ती, एसडीपीओ बोले- जो आरोपित मृत घोषित, उसकी करेंगे जांच

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28 साल पुराने केस में पुलिस ने की कुर्की-जब्ती, एसडीपीओ बोले- जो आरोपित मृत घोषित, उसकी करेंगे जांच

पूर्णिया के केनगर से रिपोर्ट :

केनगर. 28 साल पुराने केस में पूर्णिया पुलिस चेत गयी है. जहां पुलिस ने कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की है वहीं उन आरोपितों का भी भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है जिन्हें पूर्व में मृत घोषित कर दिया गया था. केनगर प्रखंड के गणेशपुर पंचायत स्थित डहरिया गांव में पुलिस का भारी लाव-लश्कर तब पहुंचा, जब 28 साल पुराना केस कांड संख्या 136/1998 मुख्यमंत्री तक पहुंच गया. इस कांड के 12 नामजद अभियुक्तों में से सात को मृत घोषित किया गया है. सदर एसडीपीओ-2 डॉ. गौरव कुमार ने बताया कि कुर्की-जब्ती न्यायालय के आदेश पर की गई है. उन्होंने सात अभियुक्तों के मृत घोषित होने के सवाल पर कहा कि जब तक साक्ष्य नहीं मिलेंगे, उन्हें मृत नहीं माना जाएगा. यदि साक्ष्य नहीं मिले, तो उन पर भी विधिसम्मत कार्रवाई होगी.

बंधक बनाकर किया था जिंदा जलाने का प्रयास

गौरतलब है कि वर्ष 1998 में 100-200 लोगों की भीड़ ने पीड़ित तैयफुल नदाफ को उस वक्त बंधक बना लिया था जब वह खेत की जुताई कर खाना खा रहे थे. भीड़ ने उन्हें पेड़ से बांध दिया और ट्रैक्टर को आग के हवाले किया गया. चालक तैयफुल को भी जिंदा जलाने का प्रयास किया. गनीमत रही कि स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से चालक की जान बची.

पीड़ित पक्ष का दावा- जो मृत घोषित वे परदेश में कर रहे काम

28 साल तक चले इस मामले में कोर्ट ने तीन बार कुर्की का वारंट जारी किया. पुलिस ने दो घरों में छापेमारी की और कुर्की जब्ती किए. साथ ही छक्कन मुर्मू नामक अभियुक्त को गिरफ्तार किया. इस बीच 12 नामजद अभियुक्तों में से सात को मृत घोषित कर दिया गया है. जबकि पीड़ित पक्ष का दावा है कि इनमें से कई लोग दिल्ली-पंजाब में जीवित होकर मजदूरी कर रहे हैं. पीड़ित पक्ष ने अभियुक्तों के पिता के नाम में भी हेरफेर करने का आरोप लगाया है.

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