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Home बिहार पूर्णिया संविधान में निहित विचारों को अपने जीवन में अपनाएं छात्र-छात्राएं : प्रो. विवेकानंद सिंह

संविधान में निहित विचारों को अपने जीवन में अपनाएं छात्र-छात्राएं : प्रो. विवेकानंद सिंह

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संविधान में निहित विचारों को अपने जीवन में अपनाएं छात्र-छात्राएं : प्रो. विवेकानंद सिंह

– कुलपति की अध्यक्षता में पूर्णिया विवि में मना हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम पूर्णिया. पूर्णिया विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में संविधान दिवस पर हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने कहा कि संविधान दिवस भारतीय संविधान की गौरवशाली इतिहास को याद दिलाने वाला दिन है . भारत का संविधान न्याय, स्वतंत्रता ,समानता तथा विश्व बंधुत्व के सिद्धांत पर आधारित है. आज के दिन विद्यार्थी संकल्प लें कि संविधान में विद्यमान बातों को जानने के साथ उनमें निहित विचारों को अपने जीवन में अपनाएंगे. जीवन में यदि आप अपने कर्तव्यों को पहचानेंगे तो अधिकार अपने आप मिल जाएंगे. कुलसचिव प्रो. डॉ. प्रणय कुमार गुप्ता ने कहा कि भारत के संविधान में सभी देशों की अच्छाइयों को ग्रहण किया गया है. हमारा संविधान वैधानिक दस्तावेज है ,जो देश को चलाने के लिए दिशानिर्देश प्रदान करता है. इसलिए हम सभी का पुनीत कर्तव्य है कि हम इसके सिद्धांतों को आत्मसात करें. कुलानुशासक प्रो. विनोद कुमार ओझा ने कहा कि हमारा संविधान हमारे देश की संप्रभुता का प्रमाण है. संविधान का अनुपालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य हैं. वित्त पदाधिकारी प्रो. इश्तियाक अहमद ने कहा कि भारतीय संविधान कई वर्षों की मेहनत का परिणाम है, इसलिए हमें अपने अधिकार के साथ-साथ कर्तव्य का भी निर्वहन करना चाहिए. राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अंकिता विश्वकर्मा ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को नागरिकों के बीच संविधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए हर साल 26 नवंबर के दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था. भारत के संविधान में विद्यमान मौलिक अधिकार ,मौलिक कर्तव्य लोकतंत्रात्मक, संघात्मक राज्य की संकल्पना देश के गौरवशाली दृष्टिकोण को भी अभिव्यक्त करती है. इस अवसर पर पूर्णिया विश्वविद्यालय के डॉ. पटवारी यादव, डॉ .ए.एच.वहिदी, डॉ. संजीव कुमार,डॉ.मिहिर कुमार ठाकुर ,डॉ. मनोज कुमार पराशर, डॉ. विनोदानंद ठाकुर, प्रो. सुनील कुमार, प्रो. मुकेश कुमार, डॉ.अनामिका सिंह , डॉ.आभा मिश्रा , डॉ.राधा कुमारी, डॉ .धर्मेंद्र कुमार, डॉ पल्लव , प्रीति ,शिक्षकेतर कर्मचारियों में मृत्युंजय, अर्जुन, राजेश, सियाशरण भारती , रोहित, छात्र-छात्राओं में प्रेम,आरती, सुंदर आदि उपस्थित रहे.

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