पूर्णिया. भारत की जनगणना को लेकर प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गयी है. जिले में जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण व मकानों की गणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए चार्ज स्तरीय प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को नगर निगम क्षेत्र के भाष्कर पब्लिक स्कूल में शुरू हुआ. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य फील्ड में काम करने वाले कर्मियों को डिजिटल जनगणना की बारीकियों से अवगत कराना है. इस बार की जनगणना पूरी तरह से कागज रहित होगी. सभी प्रगणकों को मोबाइल एप के माध्यम से डेटा प्रविष्टि करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के क्रम में कर्मियों को बताया गया कि मकान सूचीकरण के दौरान परिवार के मुखिया, घर की बनावट, उपलब्ध सुविधाओं (जैसे पानी, बिजली, शौचालय) और स्वामित्व से संबंधित कुल 33 प्रश्न पूछे जाने हैं. नागरिकों को स्वयं डेटा भरने के लिए प्रोत्साहित करने की प्रक्रिया भी प्रशिक्षण का हिस्सा है. बिहार में स्व-गणना के लिए 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक ऑन लाइन विंडो खुली रहेगी. प्रशिक्षण सत्र में जानकारी दी गई कि बिहार में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का वास्तविक फील्ड कार्य 2 मई से 31 मई तक चलेगा. इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर डेटा सत्यापित और संकलित करेंगे. प्रशिक्षकों ने सटीक आंकड़े भरने के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग सावधानी पूर्वक करने की सलाह दी ताकि आंकड़ों में त्रुटि की गुंजाइश न रहे. इस मौके पर फील्ड ट्रेनरों में रमेश कुमार पटेल, कनीनिका सर्वाधिकारी, रश्मि मेहता, रोशन कुमार सहित नगर निगम के चंदन कुमार, मो. शब्बीर, मनोज कुमार मंडल, रानू कुमार रंजन, रूफि तबरेज, जितेंद कुमार चौधरी, रूपेश कुमार सिंह, कुमार ध्रुव, मोनू कुमार, मो. फिरोज आलम आदि मौजूद थे.