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Home बिहार पूर्णिया याद किये गये 1942 अगस्त क्रांति के शहीद हुए धमदाहा के 15 सपूत, नमन के लिए उठे हजारों हाथ

याद किये गये 1942 अगस्त क्रांति के शहीद हुए धमदाहा के 15 सपूत, नमन के लिए उठे हजारों हाथ

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याद किये गये 1942 अगस्त क्रांति के शहीद हुए धमदाहा के 15 सपूत, नमन के लिए उठे हजारों हाथ

शहीदों की याद में धमदाहा के शहीद स्मारक पर राजकीय समारोह आयोजित मंत्री लेशी सिंह ने शहीदों के परिजनों को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

धमदाहा. 1942 के अगस्त क्रांति में शहीद हुए धमदाहा के 15 सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. आजादी के इन दीवानों की कुर्बानियों को याद कर उन्हें नमन किया गया. 25 अगस्त 1942 को धमदाहा थाने में तिरंगा फहराने के दौरान अंग्रेजों की गोलियों से ये 15 सपूत शहीद हो गये थे. समारोह की मुख्य अतिथि बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने शहीद स्थल पर माल्यार्पण कर 1942 के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर पूर्णिया के आयुक्त संजय दुबे, डीआइजी विकास कुमार, जिला पदाधिकारी कुन्दन कुमार, एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा, शहीद स्मारक कमेटी के सदस्य सुनील सिंह, गिन्नी यादव, शरदचंद झा, वेदानंद शर्मा, शोभाकांत चौधरी, अरविंद सिंह, कैलाश मेहता आदि मौजूद थे.धमदाहा में हर साल 25 अगस्त को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है. दूसरी बार आयोजित राजकीय समारोह में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे. सबसे पहले समारोह की मुख्य अतिथि लेशी सिंह ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया. इसके बाद स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र अरविंद प्रसाद सिंह ने शहीद स्मारक स्थल पर झंडोतोलन किया. मौके पर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया. झंडोत्तोलन के उपरांत शहीद स्मारक स्थल परिसर में वृक्षारोपण किया गया. इसके बाद मुख्य समारोह स्थल उच्य विद्यालय के क्रीड़ा मैदान में सर्वधर्म प्रार्थना सभा एवम शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को अंगवस्त्र एवम प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया

देश के नव निर्माण में अपनी भूमिका अदा करें नयी पीढ़ी : लेशी सिंह

खाद्य एवं उपभोक्ता संसाधन मंत्री लेशी सिंह ने 1942 की अगस्त क्रांति में शहीद हुए धमदाहा के 15 सपूतों का नमन करते कहा कि आज का दिन इन शहीदों को याद करने के साथ-साथ संकल्प लेने का भी है. उन शहीदों के बलिदान का नतीजा है कि आज हम आजाद हैं. देश में लोकतंत्र बहाल हुआ है और संविधान में हमें मौलिक अधिकार मिला. आज उनके अधूरे सपनों को पूरा करने की जरूरत है. मंत्री श्रीमती सिंह ने समाज में भाईचारा और सौहार्द के साथ नयी पीढ़ियों को देश के नव निर्माण में अपनी भूमिका अदा करने की अपील की. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले वर्ष शहीद दिवस को राजकीय समारोह का दर्जा दिया जो धमदाहा के शहीद हुए वीर सपूतों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है. इसे अब प्रतिवर्ष राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाएगा.आयुक्त श्री दुबे एवं डीआइजी श्री कुमार एवं एसपी उपेंद्र नाथ शर्मा ने भी उन सभी शहीदों को याद कर उन्हें नमन किया. डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इससे सीख लेनी चाहिए जिनके बलिदान के कारण ही हमलोग आज यहां इकट्ठे हुए हैं. इस अवसर पर हमलोग संकल्प लें कि इन शहीदों की शहादत से प्रेरणा लेकर देश के नव निर्माण में अपना हाथ बंटायें. उन्होंने कहा कि देश व राष्ट्रहित सर्वोपरि है. जरूरत है अपनी मानसिकता को विकसित करने की ताकि हमारा राष्ट्र अग्रणी श्रेणी में आये.

सम्मान पाकर भाव विभोर हुई शहीदों की तीसरी पीढ़ी

1942 के अगस्त क्रांति में शहीद हुए 15 शहीदों की याद में धमदाहा में आयोजित राजकीय समारोह में बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया. यह पल अद्भुत था. सम्मान पानेवाले अधिकांश शहीद परिवार की तीसरी पीढ़ी थे. करीब 82 साल बाद अपने पूर्वजों की कुर्बानियों का सम्मान पाकर भावविभोर थे. जिन शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया उनमें शहीद योगेंद्र नाथ सिंह के भतीजे ब्रजनंदन सिंह, शहीद परमेश्वर दास के नही मिले परिजन, शहीद रामनिवास पांडे के भाई सोनू पांडे, शहीद कुसुमलाल आर्य के पुत्र दीपक गोस्वामी, शहीद मोती मण्डल के पुत्र चंदेश्वरी मण्डल, शहीद भागवत धानुक के पौत्र अवधेश महतो, शहीद शेख इशहाख के भांजा इस्माइल, शहीद लखी भगत के नाती के पुत्र विनोद कुमार भगत, शहीद बालो मार्कण्डेय के पुत्रवधु पुनियां देवी, शहीद रामेश्वर पासवान के प्रपौत्र सुभाष परिजन, शहीद बाबूलाल मण्डल के पुत्रवधु पारो देवी, शहीद हेमनारायण गोप के भतीजा नवल किशोर यादव, शहीद बालेश्वर पासवान पुत्र मुनचुन पासवान, शहीद जयमंगल सिंह के पुत्र राजीव रंजन सिंह, शहीद किंजर धानुक के भांजा सीताराम महतो के नाम शामिल हैं.

फोटो- 25 पूर्णिया 8-शहीद के परिजन को सम्मानित करतीं मंत्री लेशी सिंह साथ में आयुक्त, डीआइजी, डीएम एवं एसपी

9- तिरंगा को सलामी देते मंत्री, आयुक्त, डीआइजी व अन्य

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