[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Rajya बिहार विभागीय पेंच में उलझा हाजीपुर का वॉटर टावर, करोड़ों की योजना ठप होने से हजारों आबादी पानी को मोहताज

विभागीय पेंच में उलझा हाजीपुर का वॉटर टावर, करोड़ों की योजना ठप होने से हजारों आबादी पानी को मोहताज

0
विभागीय पेंच में उलझा हाजीपुर का वॉटर टावर, करोड़ों की योजना ठप होने से हजारों आबादी पानी को मोहताज
सांकेतिक तस्वीर

PHED Bihar: (गोपाल राय) एक ओर सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है, वहीं वैशाली जिले के महुआ बाजार में 50 हजार गैलन क्षमता वाला जलमीनार पिछले लगभग 15 वर्षों से बंद पड़ा है. भीषण गर्मी के मौसम में हजारों लोग स्वच्छ पेयजल के लिए परेशान हैं, जबकि करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह महत्वाकांक्षी योजना विभागीय पेंच में फंसकर बेकार साबित हो रही है.

2011-12 में तैयार हुआ था जलमीनार

स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2011-12 में महुआ बाजार और आसपास के क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड कार्यालय परिसर में 50 हजार गैलन क्षमता वाले जलमीनार का निर्माण कराया गया था. इसके साथ ही बाजार क्षेत्र के बड़े हिस्से में पाइपलाइन भी बिछाई गई थी. बिजली कटौती के दौरान भी जलापूर्ति जारी रखने के लिए लाखों रुपये की लागत से जेनरेटर की खरीदारी की गई थी.

Image 1350
सांकेतिक तस्वीर

करोड़ों खर्च, लेकिन आज तक नहीं शुरू हुई योजना

स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों का कहना है कि जलमीनार निर्माण के बाद कभी नियमित रूप से चालू नहीं हो सका. वर्षों से लोग इसे शुरू कराने की मांग करते आ रहे हैं. कई बार जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने विभाग को आवेदन भी दिया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ.

भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान लोग

महुआ बाजार आने वाले लोगों को गर्मी के दिनों में बोतलबंद पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जलमीनार चालू हो जाए तो हजारों लोगों को राहत मिल सकती है.

Image 1351
सांकेतिक तस्वीर

नगर परिषद और पीएचईडी के बीच फंसा मामला

बताया जाता है कि जलमीनार का संचालन नगर परिषद और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के बीच समन्वय की कमी के कारण अटका हुआ है. दोनों विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर स्पष्टता नहीं होने से करोड़ों रुपये की योजना शुरू होने से पहले ही दम तोड़ती नजर आ रही है.

Image 1352
सांकेतिक तस्वीर

स्थानीय लोगों में बढ़ रही नाराजगी

महुआ विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय सिंह बिहार सरकार में पीएचईडी मंत्री भी रह चुके हैं. इसके बावजूद वर्षों से बंद पड़े जलमीनार को चालू नहीं कराया जा सका. इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

क्या कहते हैं पीएचईडी के अधिकारी

हाजीपुर के कार्यपालक अभियंता अंजनी कुमार ने बताया कि महुआ का जलापूर्ति केंद्र विभाग द्वारा बनाकर नगर परिषद को सौंप दिया गया है. जलमीनार बंद रहने के संबंध में नगर परिषद ही जानकारी दे सकती है.

क्या कहते हैं नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी

नगर परिषद महुआ के कार्यपालक पदाधिकारी सोनू कुमार ने कहा कि जलमीनार पीएचईडी विभाग का है. इसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक पहल की जाएगी.

सवालों के घेरे में करोड़ों की योजना

करीब डेढ़ दशक से बंद पड़े जलमीनार ने सरकारी योजनाओं की निगरानी और विभागीय समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि जनता को लाभ नहीं मिल रहा है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए.

इसे भी पढ़ें: ‘हमें बचा लीजिए साहब!’ हाजीपुर के प्रेमी जोड़े ने सोशल मीडिया पर वीडियो डाल प्रशासन से मांगी सुरक्षा

Previous article त्याग और बलिदान के पर्व मुहर्रम पर निकला सिपल जुलूस
Next article नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में मनायेंगे नवरात्रि, वैश्विक स्तर पर होगी कोलकाता दुर्गा पूजा की ब्रांडिंग
Avatar Of Vivek Pandey
विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 7 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत नेटवर्क 10 नेशनल न्यूज चैनल से की, जहां समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और समसामयिक घटनाओं के विश्लेषण का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. जमीनी स्तर पर की गई उनकी रिपोर्टिंग ने उन्हें जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को गहराई से समझने का अवसर दिया. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कार्यरत हैं. यहां वे बिहार की राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, अपराध, चुनाव और जनहित से जुड़े विषयों पर तथ्यपरक, विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. देश और बिहार की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी उनकी पैनी नजर रहती है. जटिल विषयों को सरल, सटीक और सहज भाषा में प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है. डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, SEO, डेटा आधारित पत्रकारिता और आधुनिक स्टोरीटेलिंग तकनीकों के साथ काम करना उन्हें पसंद है. वे हमेशा ऐसे कंटेंट तैयार करने का प्रयास करते हैं, जो पाठकों के लिए उपयोगी, विश्वसनीय और तथ्य आधारित हो. पत्रकारिता में उनका उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ सामने लाना, पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना तथा जनहित की आवाज को मजबूती से उठाना है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel