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युवाओं ने रोक रखी है कोरोना से होनेवाली मौत

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युवाओं ने रोक रखी है कोरोना से होनेवाली मौत

शशिभूषण कुंवर ,पटना : बिहार में कोरोना मरीजों की दर देश के अन्य राज्यों से काफी कम यानी मात्र 0.73% है. इसका प्रमुख कारण है कि अधिकतर मरीजों का युवा होना है. अब तक बिहार में कोरोना पॉजिटिव पाये गये 274 मरीजों में 72.26% 40 साल से कम उम्र के हैं, जबकि 50 साल से अधिक उम्र के 17% से भी कम मरीज हैं. बिहार में सिर्फ दो कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हुई है. हालांकि, मुंगेर और वैशाली के ये दोनों मरीज युवा थे, लेकिन उनमें एक किडनी की बीमारी और दूसरा ब्रेन में ट्यूमर से भी पीड़ित था.

खास बात है कि राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमित होने के औसतन पांच दिनों के बाद स्वस्थ होकर लौट रहे हैं. राज्य में 274 संक्रमितों में अब तक 56 लोग स्वस्थ होकर घर लौट गये हैं. स्वस्थ होने वालों में भागलपुर के नवगछिया के 65 साल का व्यक्ति भी शामिल है. विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युन सिस्टम) बेहतर होने के कारण राज्य में मृतकों की संख्या नहीं बढ़ रही है. उनका मानना है कि रिप्रोडक्टिव उम्र के लोगों का इम्युन सिस्टम मजबूत होता है, जबकि 60 वर्ष से अधिक लोगों में अपना ही इम्युन सिस्टम खुद के खिलाफ लड़ने लगता है.

पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) के इम्युनोलॉजी वैज्ञानिक डाॅ अभय कुमार का मानना है कि बिहार में अभी सैंपल आकार छोटा है. इससे कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता. आगे आनेवाले हफ्तों में तस्वीर कुछ साफ होगी.विशेषज्ञ बोले, युवाओं में वायरस और बैक्ट्रिया से लड़ने की अधिक क्षमताआइजीआइएमएस के इम्युनोलॉजी वैज्ञानिक डाॅ अभय कुमार ने बताया कि इम्युनोलॉजी का प्रभाव उम्र के अनुसार होता है.

रिप्रोडक्टिव उम्र (45 वर्ष) तक के लोगों में वायरस और बैक्ट्रिया से लड़ने की अधिक क्षमता होती है. युवाओं में अधिक इम्युनिटी पावर के कारण ही किसी तरह के बाहरी वायरस आने के बाद उसकी पहचान करने और उससे लड़ने की क्षमता अधिक होती है. 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में न सिर्फ इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, बल्कि वे उम्र आधारित रोग जैसे डायबिटीज, हार्ट और किडनी, ब्लड प्रेशर से पीड़ित होते हैं. इसके कारण उनमें मृत्यु दर अन्य देशों में भी अधिक पायी गयी है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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