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Home बिहार पटना वाहन क्लेम देने में की आनाकानी, अब देना पड़ेगा 3.33 लाख हर्जाने के साथ

वाहन क्लेम देने में की आनाकानी, अब देना पड़ेगा 3.33 लाख हर्जाने के साथ

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वाहन क्लेम देने में की आनाकानी, अब देना पड़ेगा 3.33 लाख हर्जाने के साथ

जिला उपभोक्ता निवारण आयोग का फैसला संवाददाता, पटना, वाहन क्लेम देने में बीमा कंपनी ने आनाकानी की, अब उसे 3.33 लाख हर्जाने के साथ इंश्योरेंस धारक को देना पड़ेगा. जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्त्वपूर्ण फैसले में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा क्लेम खारिज किये जाने को अनुचित और सेवा में कमी माना है और उपभोक्ता को मुआवजा देने का आदेश दिया है. मामला वर्ष 2017 में दाखिल हुआ था, जब खगौल, पटना निवासी दिनेश कुमार शर्मा ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता का वाहन नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से बीमित था, लेकिन दुर्घटना के बाद जब उन्होंने क्लेम किया तो बीमा कंपनी ने यह कहते हुए मुआवजा देने से इनकार कर दिया कि उन्होंने पूर्व बीमा कंपनी (फ्यूचर जनरली इंडिया लिमिटेड) से लिये गये पिछले क्लेम की जानकारी छुपाई थी, जिससे उन्हें नो क्लेम बोनस के तहत 25% प्रीमियम की छूट मिली थी. आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा और सदस्य रजनीश कुमार की पीठ ने कहा कि बीमा कंपनी का यह तर्क मान्य नहीं है कि सिर्फ नो क्लेम बोनस की छूट पाने के कारण पूरी बीमा पॉलिसी ही अमान्य हो जाती है. आयोग ने स्पष्ट किया कि बीमा एक अनुबंध है, जिसका उद्देश्य दुर्घटना में हुए नुकसान की भरपाई करना है. चूंकि वाहन की दुर्घटना और नुकसान बीमा कंपनी ने भी स्वीकार किया है, इसलिए कंपनी केवल कम प्रीमियम को आधार बनाकर क्लेम से इनकार नहीं कर सकती. बीमा कंपनी द्वारा नियुक्त सर्वेयर ने 3,33,000 रुपये का नुकसान आंका था, जिसे किसी पक्ष ने चुनौती नहीं दी. चूंकि बीमा राशि में 25 फीसदी की कटौती मान्य मानी गयी, फिर भी नुकसान की राशि कम ही थी, अतः बीमा कंपनी को भुगतान करना होगा. आयोग ने बीमा कंपनी को 3,33,000 के साथ-साथ 20,000 मानसिक पीड़ा व वाद व्यय के रूप में भी देने का आदेश दिया है. इस राशि पर 6 फीसदी वार्षिक साधारण ब्याज 17 मई 2017 (शिकायत दाखिल करने की तिथि) से देय होगा. आदेश की प्रति मिलने के 120 दिनों के भीतर आदेश का पालन अनिवार्य है, अन्यथा 10,000 अतिरिक्त क्रियान्वयन व्यय के रूप में भी देय होगा.

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