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Home बिहार पटना 30 नवंबर से पहले हो गेहूं की बुआई, सरसों संग मधुमक्खी पालन करें

30 नवंबर से पहले हो गेहूं की बुआई, सरसों संग मधुमक्खी पालन करें

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30 नवंबर से पहले हो गेहूं की बुआई, सरसों संग मधुमक्खी पालन करें

– राज्यस्तरीय कार्यशाला में रबी मौसम में 39 लाख हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य निर्धारित संवाददाता, पटना इस साल 39.806 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें गेहूं 26़.147, मक्का 8.026, जौ 0.182 तथा कुल दलहन फसल की खेती 5.442 लाख हेक्टेयर में होगी. इसके अलावा 2.371 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तेलहनी फसलों का उत्पादन किया जायेगा. इसमें राई/सरसों 2.120, तीसी की खेती 0.223 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में होगी. गेहूं के बीज 362302.8 क्विंटल समेत कुल 4 लाख 70 हजार 510 क्विंटल बीज की आवश्यकता होगी. पटना के बामेती सभागार में बुधवार को आयोजित राज्यस्तरीय रबी फसल कार्यशाला में इसका निर्धारण किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि 30 नवंबर से पहले गेहूं की बुआई करें. सरसों के साथ मधुमक्खी पालन करें. अब तक 76573.67 क्विंटल बीज की आपूर्ति की गयी है. दलहनी एवं तेलहनी फसलों के बीज का वितरण जारी है. गेहूं के बीज का वितरण भी आरंभ किया जा रहा है. अभी तक विभिन्न फसलों के बीज वितरण पर लगभग 225 करोड़ रुपये की अनुदान राशि का व्यय किया जा चुका है. 150 से 300 रुपये बढ़ायी गयी एमएसपी कृषि मंत्री ने कहा कि भारत सरकार की ओर से रबी मौसम के फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य में 150 रुपये से लेकर 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की वृद्धि की गयी है. इस महाभियान के माध्यम से किसानों को तेलहन, दलहन के साथ-साथ बागवानी फसलों, गेहूं के बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. मसूर प्रत्यक्षण में प्रति एकड़/प्रति प्रत्यक्षण तीन हजार 600 रुपये के साथ 2000 प्रति एकड़ नगद दी जा रही है. मसूर फसल प्रमाणित बीज वितरण कार्यक्रम में बीज मूल्य का 10,160 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान दिया जायेगा. 15 दिन पहले करें गेहूं की बुआई: सचिव कृषि सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि रबी मौसम में हमें मक्का के साथ मटर तथा सरसों के साथ मधुमक्खी पालन पर विशेष बल देना है. दलहन तथा तेलहन का उत्पादन बढ़ाना. गेहूं की बुआई 15 दिन पहले करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना है. माैके पर विभाग के विशेष सचिव वीरेंद्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक नितिन कुमार सिंह, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, अपर सचिव शैलेेंद्र कुमार, अपर निदेशक (शष्य) निदेशक बामेती धनंजयपति त्रिपाठी आदि मौजूद थे.

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