[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना वाराणसी-काेलकाता एक्सप्रेसवे बने एलिवेटेड, बिहार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

वाराणसी-काेलकाता एक्सप्रेसवे बने एलिवेटेड, बिहार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

0
वाराणसी-काेलकाता एक्सप्रेसवे बने एलिवेटेड, बिहार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

– एक्सप्रेसवे के लिए राज्य में 70 हजार पेड़ काटने की मांगी जा रही थी मंजूरी – एलिवेटेड बनने से केवल एक हजार पेड़ काटने की होगी जरूरत -कटने वाले कई पेड़ करीब सौ साल तक पुराने हैं – एक्सप्रेसवे बिहार में कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिला से होकर करीब 159 किमी लंबाई में गुजरेगी. कृष्ण कुमार, पटना वाराणसी-काेलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को राज्य के हिस्से में एलिवेटेड बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा है. इसमें राज्य सरकार का तर्क है कि इस सड़क के निर्माण में करीब 70 हजार पेड़ काटे जायेंगे. इसमें अधिकतर पेड़ करीब सौ साल तक पुराने हैं. इन सभी पेड़ों का पर्यावरणीय महत्व है. पूरा विश्व इन दिनों पर्यावरण को बेहतर करने के प्रयास में लगा हुआ है और इस दिशा में अलग-अलग काम किये जा रहे हैं. ऐसी स्थिति में 70 हजार पेड़ काटने के लिए मंजूरी देने से पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने मना कर दिया है. साथ ही केंद्र सरकार सहित इस एक्सप्रेसवे से संबंधित अधिकारियों को एलिवेटेड सड़क बनाने का प्रस्ताव दिया है. विभाग की मानें तो यह सड़क राज्य के हिस्से में एलिवेटेड बन जाने से 70 हजार की जगह केवल एक हजार पेड़ कटेंगे. ऐसे में बड़ी संख्या में पुराने पेड़ कटने से बच जायेंगे. साथ ही एक्सप्रेसवे बन जाने से राज्य का विकास भी बाधित नहीं होगा. दरअसल वाराणसी से कोलकाता के बीच बनने वाले एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 626 किमी होगी. यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड होकर पश्चिम बंगाल पहुंचेगी. यह बिहार में कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिला से होकर गुजरेगी. बिहार में यह करीब 159 किमी लंबाई में बनेगी. बिहार के हिस्से में इसकी अनुमानित लागत करीब 19 हजार करोड़ रुपये है. इस सड़क का निर्माण शुरू हो चुका है. एक्सप्रेसवे का हिस्सा सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल में करीब लंबाई 242 किमी लंबाई में होगा. झारखंड में यह 203 किमी और उत्तर प्रदेश में केवल 22 किमी लंबाई में ही बनेगा. इसके बनने से वाराणसी से कोलकाता की यात्रा में करीब 50 फीसदी समय लगेगा. इसका निर्माण 2026 तक पूरा होने की संभावना है. फोटो . क्या कहते हैं मंत्री इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने बताया कि वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए राज्य में करीब 70 हजार पेड़ काटने की मंजूरी मांगी जा रही थी. यह मंजूरी देने से उन्होंने मना कर दिया. उन्होंने कहा कि इस सड़क को एलिवेटेड बनाने का प्रस्ताव उन्होंने केंद्र सरकार को दिया है. इससे केवल एक हजार पेड़ काटने की ही जरूरत होगी. मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि पूरी दुनिया पर्यावरण को बचाने और बेहतर बनाने की मुहिम में जुटी है. ऐसे में हमें भी पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel