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Patna news : उर्दू सलीके व संस्कार बढ़ानेवाली भाषा : प्रो तौकीर आलम

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Patna news : उर्दू सलीके व संस्कार बढ़ानेवाली भाषा : प्रो तौकीर आलम

– एडीएम (विशेष कार्यक्रम) रवींद्र दिवाकर के गजल पर जमकर बजीं तालियां

-उर्दू के प्रचार-प्रसार के लिए कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में हुई प्रतियोगिता

संवाददाता, पटना

उर्दू के कार्यान्वयन व प्रचार-प्रसार के लिए कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन एडीएम (विशेष कार्यक्रम) रवींद्र कुमार दिवाकर ने किया. मौके पर मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति प्रो तौकीर आलम ने कहा कि उर्दू सलीके की भाषा है. लोगों के संस्कार में बढ़ोत्तरी करने वाली भाषा है. जिला उर्दू भाषा कोषांग सह सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण प्रभारी पदाधिकारी निरंजन कुमार ने कार्यक्रम के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी. उन्होंने छात्रों के प्रोत्साहन के लिए चलायी जा रहीं योजनाओं के बारे में जानकारी दी. एडीएम (विशेष कार्यक्रम) रवींद्र कुमार दिवाकर की गजल पर जमकर तालियां बजीं. उन्होंने कहा कि

”सलीके से हवाओं में जो

खुशबू घोल सकते हैं,अब भी कुछ लोग बाकी हैं, जो उर्दू बोल सकते हैं” , ”किसी शख्स ने पूछा मुझसे, उर्दू कहां की भाषा है, मैंने उसको बतलाया यह,

जिगरो जान की भाषा है, कभी मोहब्बत, कभी इबादत,

इन्कलाब भी बन जाती, इसकी तासीर है बहुत, यह हिन्दुस्तान की भाषा है

”.

विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिता आयोजित

कार्यक्रम में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणियों के लिए निर्धारित विषय वस्तु पर प्रतियोगिता आयोजित हुई. मैट्रिक के छात्रों ने ”नज्म और रूबाई”, इंटर के छात्रों ने ”फने अफसाना निगारी” व स्नातक के छात्रों ने ”नॉवेल निगारी” पर अपने विचार रखे. ”नॉवेल निगारी” में मुंशी प्रेमचंद की रचनाएं व बिहार के अब्दुस समद की ”दो गज जमीन” सबसे ज्यादा चर्चा में रही. निर्णायक दल में मौलाना मजहरूल हक अरबी–फारसी विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति प्रो तौकीर आलम, पटना विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक प्रो डॉ सफदर इमाम कादरी व डॉ अफसां बानो शामिल थे. प्रतियोगिता में मैट्रिक स्तर में मदरसा सुलेमानिया पटना सिटी के आफरीन फातिमा, इंटर स्तर में मुस्लिम हाइस्कूल पटना के तमफिनत युसूफ व स्नातक स्तर पर पटना कॉलेज उर्दू विभाग के मोहम्मद आसिफ अली को प्रथम पुरस्कार मिला. कार्यक्रम के आयोजन में ताहिर रजा, उच्चवर्गीय लिपिक (उर्दू) की कड़ी मेहनत को प्रभारी पदाधिकारी ने सराहा. मंच संचालन उर्दू अनुवादक जनाब नूरूस्सलाम व धन्यवाद ज्ञापन अनुवाद अधिकारी (उर्दू) मोहम्मद शहबाज अहमद ने किया.

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