[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना सिर्फ केवाइसी के कारण तीन लाख किसानों को नहीं मिल रहे साल में छह हजार रुपये

सिर्फ केवाइसी के कारण तीन लाख किसानों को नहीं मिल रहे साल में छह हजार रुपये

0
सिर्फ केवाइसी के कारण तीन लाख किसानों को नहीं मिल रहे साल में छह हजार रुपये

– सीवान, पटना, सीतामढ़ी, मधुबनी, सारण, अररिया, पश्चिम चंपारण जिले में केवाइसी लंबित

मनोज कुमार, पटना

राज्य के तीन लाख आठ हजार 17 किसानों को पीएम सम्मान निधि का लाभ केवाइसी के कारण नहीं मिल रहा है. इससे प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत साल में छह हजार रुपये इन किसानों के खाते में नहीं गये हैं.सबसे अधिक पूर्वी चंपारण, सारण, मधुबनी, सीतामढ़ी, पटना, सीवान और अररिया जिले में किसानों के बैंक खाते का केवाइसी लंबित है. इसे लेकर कृषि विभाग ने चिंता जाहिर की है. ग्रामवार सूची की जांच कर किसानों के बैंक खाते का केवाइसी कराने का आदेश दिया गया है. गया में 13027, कटिहार में 13138, पश्चिम चंपारण में 13189, अररिया में 14594, सीवान में 14889, पटना में 16108, सीतामढ़ी में 16186, मधुबनी में 17043, सारण में 25152 और सबसे अधिक पूर्वी में चंपारण 25476 केवाइसी लंबित हैं.

केवाइसी से फर्जी लाभुकों की भी हो जायेगी पहचान

कई वास्तविक लाभुक केवाइसी नहीं करा पा रहे हैं. इनमें फर्जी लाभुक भी हैं. आधार कार्ड देकर केवाइसी कराने के साथ ही ऐसे लाभुकों की पहचान हो जायेगी. अभी हाल ही में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में इनकम टैक्स देने वाले, एनआरआइ, नौकरी पेशा के लाभ उठा लेने का खुलासा हुआ था. केवाइसी कराने के बाद फिर से इस तरह के मामले का खुलासा होने की संभावना है.

इन जिलों में चार हजार तक लंबित है केवाइसी

मधेपुरा में पांच, पूर्णिया में 110, कैमूर में 557, सुपौल में 689, शिवहर में 857, अरवल में 1201, मुजफ्फरपुर में 1248, शेखपुरा में 1709, सहरसा में 1989, लखीसराय में 1183, भागलपुर में 2467 किसानों का केवाइसी नहीं हुआ है, जबकि जहानाबाद में 2527, बक्सर में 3079, मुंगेर में 3079, बेगूसराय में 3892 और खगड़िया में 4205 केवाइसी लंबित है.

इन जिलों में पांच से दस हजार किसानों के बैंक खाते का केवाइसी नहीं

किशनगंज में 5250, बांका में 5631, गोपालगंज में 6325, दरभंगा में 8004, वैशाली में 8952, नालंदा में 9491 केवाइसी लंबित है. वहीं, नवादा में 9539, औरंगाबाद में 9805, समस्तीपुर में 10323, रोहतास में 11442, भोजपुर में 11756, जमुई में 12104 किसानों का केवाइसी नहीं हुआ है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel