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राज्य में बीज का उत्पादन लक्ष्य से कम

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राज्य में बीज का उत्पादन लक्ष्य से कम

मनोज कुमार, पटना

राज्य में बीज का उत्पादन बहुत ही कम मात्रा में हो रहा है. लक्ष्य से पांच हजार क्विंटल कम धान के बीज उपजे हैं. साथ ही मिलेट्स, दाल, चना, सरसों सहित किसी भी फसल में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार न तो बीज का उत्पादन हुआ है और न ही लक्षित एरिया में बीज लगाये जा सके हैं. लगभग सभी फसलों के बीज दूसरे राज्यों से बिहार आ रहे हैं. लिहाजा, राज्य के किसानों पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. सरकार को भी दूसरे राज्यों से बीज खरीदकर लाने में मोटी रकम चुकानी पड़ रही है. वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, केवल धान, गेहूं और जूट के बीज ही निर्धारित एरिया में लगाये गये. लेकिन, इन तीनों फसलों की बीज का उत्पादन लक्ष्य के अनुसार नहीं हुआ. जूट का उत्पादन न के बराबर हुआ.

धान, मड़ुआ, सोयाबीन, उरद का उत्पादन लक्ष्य से काफी कम

वर्ष 2023-24 में धान बीज 1160 हेक्टेेयर में 1167 हेक्टेयर में लगे. धान बीज का उत्पादन 31320 क्विंटल में 26446 क्विंटल ही हुआ. मड़ुआ बीज 67 हेक्टेयर में 43 हेक्टेयर में ही लगे और 670 में 219 क्विंटल मड़ुआ बीज का ही उत्पादन हुआ. सोयाबीन बीज 36.25 हेक्टेयर में 20.75 में ही लगा और उत्पादन भी 362 क्विंटल में 65.01 क्विंटल ही हुआ.

उरद बीज 52 में 37 हेक्टेयर में ही लगे. जबकि उत्पादन 416 क्विंटल में 47.49 क्विंटल ही हुआ.

मिलेट्स, जूट, कुल्थी, तिल के बीज न के बराबर

मिलेट्स बीज 50 हेक्टेयर में लगाना था, इसमें आठ हेक्टेयर में ही लगा. 400 क्विंटल में मात्र 25.24 क्विंटल ही मिलेट्स का उत्पादन हुआ. जूट और कुल्थी बीज में उपलब्धि न के बराबर रही. तिल बीज 108 में 14 हेक्टेयर में ही लग पाये.

गेहूं बीज 905 हेक्टेयर में 929 हेक्टेयर में लगा. दालों के बीज 362 में 281 हेक्टेयर में ही लग पाये. अलसी बीज 20 मे 19. 50 हेक्टेयर में लगे. चना बीज 81.25 हेक्टेयर में 71.75 ही लगे. सरसों बीज 220 में 195 हेक्टेयर में लगे. मूंग बीज लक्ष्य

382 में 40 हेक्टेयर में ही मूंग बीज लगे. मूंगफली 10 में 3.37 हेक्टेयर में ही लगे.

राज्य में बनायी जा रही बीज नीति: मंत्री

कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने राज्य की बीज नीति बनाने का निर्देश दिया है. मंत्री ने अफसरों की बैठकों, सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसकी घोषणा की है. कहा है कि जल्द ही बीज नीति तैयार होगी. इससे दूसरे राज्यों पर से निर्भरता कम होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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