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Home बिहार पटना 11 जुलाई से शुरू होगा सावन, बना ‘हर-हरि-विनायक’ का दुर्लभ संगम

11 जुलाई से शुरू होगा सावन, बना ‘हर-हरि-विनायक’ का दुर्लभ संगम

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11 जुलाई से शुरू होगा सावन, बना ‘हर-हरि-विनायक’ का दुर्लभ संगम

– छह से चातुर्मास्य के साथ भक्ति पर्वों की ऋतु की हुई शुरुआत

लाइफ रिपोर्टर@पटना

आषाढ़ शुक्ल एकादशी (6 जुलाई) से चातुर्मास्य की शुरुआत के साथ भक्ति, व्रत और तपस्या का विशेष काल आरंभ हो जायेगा. इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं. इसके बाद 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा और 11 जुलाई से सावन मास का शुभारंभ होगा, जिसमें शिवभक्त हर को जल अर्पित कर पुण्य अर्जित करेंगे.

………..

ज्योतिषाचार्य राघव नाथ झा ने बताया कि इस वर्ष सावन में एक दुर्लभ संयोग बन रहा है शिव, विष्णु और गणेश तीनों की उपासना का अवसर एक ही मास में मिलेगा. सावन 9 अगस्त तक चलेगा और इसमें चार सोमवार समेत कुल 28 व्रत-त्योहार आएंगे.

उन्हेंने ने बताया कि मिथिला क्षेत्र में 15 जुलाई से मधुश्रावणी व्रत की शुरुआत होगी, जो 27 जुलाई तक चलेगा. नवविवाहिताओं के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है, जिसमें नाग-नागिन, सप्तकन्या, सप्तऋषि की कथाएं और देवी आराधना की जाती है. यह पर्व मिथिला की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है. राघव नाथ झा ने बताया कि सावन के प्रमुख पर्वों में 14 जुलाई को पहला सोमवार और गणेश चतुर्थी, 23 जुलाई को श्रावण शिवरात्रि, 27 को हरियाली तीज और 9 अगस्त को रक्षाबंधन प्रमुख हैं. यह मास धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोकगीत, झूला, और सांस्कृतिक उल्लास से भरपूर होगा.

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