Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. आरजेडी सांसद मनोज झा ने RSS के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि आस्था से जुड़े इतने बड़े मामले में सवाल पूछने वालों को गलत ठहराया जा रहा है, जबकि श्रद्धालुओं से धैर्य रखने की अपील की जा रही है.
क्या कहा मनोज झा ने?
मनोज झा ने कहा कि राम मंदिर फंड में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाने वालों को ‘हिंदू विरोधी’ और ‘राष्ट्र विरोधी ताकतें’ बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है, उन्हें ही चुप रहने की सलाह दी जा रही है. सांसद ने आगे कहा कि आपकी आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ और अब कहा जा रहा है कि चुप रहो.
‘RSS धर्म का ठेकेदार नहीं’
आरजेडी सांसद ने कहा कि कोई भी संगठन हिंदू धर्म का ठेकेदार नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म RSS के जन्म से पहले भी था और आगे भी रहेगा. इसलिए किसी को यह अधिकार नहीं है कि वह तय करे कौन सवाल पूछे और कौन नहीं.
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RSS ने क्या कहा?
इससे पहले RSS ने शुक्रवार को पहली बार बयान दिया. सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने वीडियो जारी कर कहा कि रामलला मंदिर में रखे दानपात्रों में जमा राशि की चोरी दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे रामभक्तों की भावनाओं और श्रद्धा को आघात पहुंचा है. उन्होंने आगे कहा कि उनका भरोसा बचाना जरूरी है. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कठोर दंड मिलना चाहिए.
दत्तात्रेय होसबाले ने आगे कहा कि करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग और बलिदान से भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है. ट्रस्ट को मंदिर के प्रबंधन और संचालन व्यवस्था में मौजूद सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाना चाहिए. करोड़ों रामभक्तों की आस्था और विश्वास को बनाए रखने के लिए वित्तीय प्रबंधन, संचालन प्रणाली और व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, त्रुटिरहित और धर्मसम्मत होनी चाहिए.
हिंदू समाज धैर्य और संयम बनाए रखे
सरकार्यवाह होसबाले ने हिंदू समाज से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि कुछ हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी ताकतें इस घटना का फायदा उठाकर हिंदू धर्म और समाज की छवि खराब करने की कोशिश कर रहीं हैं. ऐसे प्रयासों को विफल करने के लिए संयम जरूरी है.
