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Home बिहार पटना स्वास्थ्य विज्ञान विवि पर बोर्ड और पर्षद के कार्यों की भी जिम्मेदारी

स्वास्थ्य विज्ञान विवि पर बोर्ड और पर्षद के कार्यों की भी जिम्मेदारी

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स्वास्थ्य विज्ञान विवि पर बोर्ड और पर्षद के कार्यों की भी जिम्मेदारी

संवाददाता,पटना बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय राज्य में स्थापित होनेवाले मेडिकल कॉलेज अस्पतालों का काम न सिर्फ संबद्धता देने के अलावा एमबीबीएस और पोस्टग्रेजुएट के एकेडमिक गतिविधियों के साथ परीक्षाओं का संचालन कर रहा है. मेडिकल में उच्चस्तरीय शोध की जिम्मेवाली भी इस पर है. अब इसकी जिम्मेदारियों में सरकार वैसे सभी कोर्स को भी शामिल करती जा रही है जो बोर्ड या काउंसिल के द्वारा किया जाता रहा है. अब बोर्ड और काउंसिल की परीक्षाओं का संचालन भी बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को सौंप दिया गया है. इस विश्वविद्यालय के पास अभी क्षमता विकसित भी नहीं हुई है और इस पर दूसरे संस्थाओं का बोझ भी डाल दिया गया है. राज्य में बड़ी संख्या में सरकारी और प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना हो रही है. इन नर्सिंग कॉलेजों में एएनएम,जीएनएम, बेसिक बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक नर्सिंग कोर्स और मास्टर नर्सिंग कोर्स का संचालन किया जा रहा है. पहले बिहार नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल के द्वारा ही इनकी परीक्षाओं का संचालन किया जाता था. अब यह जिम्मेवारी विश्वविद्यालय को सौंप दी गयी है. विश्वविद्यालय की उनकी मान्यता से लेकर परीक्षाओं के संचालन तक का काम करेगा. इसी प्रकार से फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता और उनकी परीक्षा का संचालन भी विश्वविद्यालय को सौंपा गया है. विश्वविद्यालय को तो पारामेडिकल कॉलेजों की मान्यता से लेकर उसकी परीक्षाओं का संचालन की जिम्मेवारी भी सौंप दी गयी है. पहले यह काम स्वास्थ्य विभाग के तहत गठित पारामेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाता था. पारामेडिकल के तहत ऑफ्थैलमिक असिस्टेंट, लैबोरेट्री टेक्निशियन, एक्स-रे टेक्निशियन, ओटी असिस्टेंट , फिजियो थेरापी, ऑकुपेशनल थिरेपी , मेडिकल रेडियोलॉजी टेक्निशियन, इइजी टेक्निशियन, ऑर्थोपेडिक एंड प्लास्टर टेक्निशियन , हॉस्टिपटल एंड डोमिसाइलियरी केयर असिस्टेंट जैसे कोर्स संचालित किये जाते हैं. स्थिति यह है कि विश्वविद्यालय में अभी इन सभी क्षेत्र के विशेषज्ञों की आवश्यकता है.

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