[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना कैंपस : शोध केवल डिग्री पाने का माध्यम न होकर राष्ट्र निर्माण के लिए होनी चाहिए : याज्ञवल्क्य शुक्ल

कैंपस : शोध केवल डिग्री पाने का माध्यम न होकर राष्ट्र निर्माण के लिए होनी चाहिए : याज्ञवल्क्य शुक्ल

0
कैंपस : शोध केवल डिग्री पाने का माध्यम न होकर राष्ट्र निर्माण के लिए होनी चाहिए : याज्ञवल्क्य शुक्ल

संवाददाता, पटना अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, दक्षिण बिहार प्रांत शोध आयाम की ओर से एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन एएन कॉलेज में हुआ. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि शोधार्थियों को सामाजिक समस्याओं को केंद्र बिंदु समझकर शोध करना चाहिए. उन्होंने शोधार्थियों को बताया कि शोध केवल प्रोफेसर बनने और पीएचडी डिग्री पाने का माध्यम न होकर बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए होना चाहिए. शोध ऐसा होना चाहिए जो नीति आयोग और सरकार की पॉलिसी मेकिंग में काम आ सके. साथ में अतिथि के रूप में अभाविप दक्षिण बिहार प्रांत के अध्यक्ष डॉ उमेश कुमार, एएन कॉलेज हिंदी के विभागाध्यक्ष डॉ कमलेश मिश्रा, डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस आइआइटी के प्रो डॉ नलिन भारती, सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज वाटर रिसर्च सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सूरज कुमार सिंह, मगध विश्वविद्यालय भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर डॉ माधव कुमार सिंह, शोध कार्य प्रमुख डॉ आलोक तिवारी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य प्रतिभा मिश्रा उपस्थित हुए. डॉ सूरज कुमार सिंह ने कहा कि अच्छी मूर्ति बनाने के लिए अच्छे गुण युक्त मिट्टी की जरूरत होती है, वैसे ही अच्छे लेख के लिए अच्छी किताबें और लेख को पढ़ना होता है. शोधार्थियों को शोध पद्धति के विभिन्न पहलुओं जैसे शोध अंतराल शोध क्षेत्र परिकल्पना शोध के प्रकार सामान्यीकरण आदि को अत्यंत विस्तृत रूप में बताया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित दक्षिण बिहार प्रांत के संगठन मंत्री रोशन कुमार सिंह, प्रांत मंत्री नीतीश पटेल, महानगर संगठन मंत्री प्रशांत गौतम, महानगर मंत्री प्रियरंजन सिंह, शिवम नयन, शशि कुमार, अनिमेष आनंद, आयुष कुमार, मोनालिसा घोष, अंशुमाली मिश्रा, राहुल झा आदि उपस्थित हुए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel