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Home बिहार पटना ‘मेरा दलित होना अभिशाप बन गया’, 10 सर्कुलर रोड बंगले पर बोले मंत्री नंद किशोर

‘मेरा दलित होना अभिशाप बन गया’, 10 सर्कुलर रोड बंगले पर बोले मंत्री नंद किशोर

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‘मेरा दलित होना अभिशाप बन गया’, 10 सर्कुलर रोड बंगले पर बोले मंत्री नंद किशोर
मंत्री नंद किशोर राम

Rabri Devi Bungalow Row: पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बंगला खाली नहीं करने के बयान के बाद अब बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर राम ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उन्हें मंत्री के रूप में यह सरकारी आवास आवंटित किया गया है, लेकिन अब तक उन्हें नहीं मिल सका है. उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी बंगला खाली करने को तैयार नहीं हैं.

दलित होना मेरे लिए अभिशाप बन गया

पश्चिम चंपारण के रामनगर में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मंत्री नंद किशोर राम ने कहा कि वह अनुसूचित जाति समाज से आते हैं और आरक्षित विधानसभा क्षेत्र से चुने गए जनप्रतिनिधि हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि उनका दलित होना ही इस मामले में सबसे बड़ी वजह बन गया है. उनके अनुसार, अगर किसी अन्य वर्ग का व्यक्ति होता तो शायद स्थिति अलग होती.

सरकार के सामने उठाएंगे मामला

नंद किशोर राम ने कहा कि उन्हें मंत्री रहते हुए भी आवंटित आवास नहीं मिल रहा है. इसलिए वह इस विषय को सरकार के उच्च स्तर पर उठाएंगे और उचित कार्रवाई की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों का पालन सभी को करना चाहिए और किसी को भी विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए.

राबड़ी देवी को कई बार मिला नोटिस

10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला लंबे समय से लालू-राबड़ी परिवार के पास है. नवंबर 2025 में राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया गया था. इसके बाद भवन निर्माण विभाग की ओर से कई बार नोटिस भेजकर 10 सर्कुलर रोड का बंगला खाली करने को कहा गया. अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है.

हाल ही में विभाग ने एक बार फिर नोटिस जारी कर कहा कि यह आवास मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया जा चुका है, इसलिए इसे जल्द खाली किया जाए.

राबड़ी देवी ने खाली करने से किया इनकार

दिल्ली से पटना लौटने के बाद राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि वह बंगला खाली नहीं करेंगी. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार चाहे तो फोर्स भेज सकती है, लेकिन वह आवास छोड़ने वाली नहीं हैं.

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बंगले पर पहुंची पुलिस और अधिकारी

राबड़ी देवी के बयान के कुछ घंटों बाद ही पटना पुलिस और भवन निर्माण विभाग की टीम 10 सर्कुलर रोड पहुंची. सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी समेत अन्य अधिकारियों ने राबड़ी देवी से मुलाकात की. अधिकारियों ने उनसे नियमों के अनुसार नए आवास में शिफ्ट होने का अनुरोध किया. इस मुलाकात के बाद भी बंगला विवाद खत्म होता नहीं दिख रहा है. आने वाले दिनों में यह मामला और राजनीतिक रूप ले सकता है.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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