[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार पटना तेजस्वी प्रण पत्र नहीं, झूठे वादों और दोहरे चरित्र का दस्तावेज : जदयू

तेजस्वी प्रण पत्र नहीं, झूठे वादों और दोहरे चरित्र का दस्तावेज : जदयू

0
तेजस्वी प्रण पत्र नहीं, झूठे वादों और दोहरे चरित्र का दस्तावेज : जदयू

संवाददाता, पटना जदयू प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा एवं मीडिया पैनलिस्ट किशोर कुणाल ने महागठबंधन से जारी तेजस्वी प्रण पत्र पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने बुधवार को कहा है कि महागठबंधन द्वारा जारी तथाकथित तेजस्वी प्रण पत्र बिहार की जनता को एक बार फिर झूठे वादों और खोखले सपनों से बहकाने की कोशिश है. यह घोषणापत्र नहीं, बल्कि वादों की आड़ में राजद द्वारा अपने पुराने कृत्यों को छुपाने की कोशिश है. विपक्ष के चुनावी घोषणापत्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग नौकरी के बदले गरीबों से उनकी पुश्तैनी जमीनें लिखवा लेते थे, वे आज किस नैतिकता से भूमिहीनों को जमीन देने की बात कर रहे हैं? जो लोग रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन लेते थे, वे आज युवाओं को रोजगार देने का झूठा दावा कर रहे हैं. यह राजनीतिक विडंबना का चरम है. बिहार की जनता भूली नहीं है कि जब राजद की सरकार थी, तब बिहार में भ्रष्टाचार, अपराध और कुशासन का बोलबाला था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में जो ठोस काम किये, वे किसी घोषणा पत्र का हिस्सा नहीं थे – वे वास्तविक परिवर्तन थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel