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मृत आयुष डॉक्टरों की भी कर दी गयी स्थायी पोस्टिंग

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मृत आयुष डॉक्टरों की भी कर दी गयी स्थायी पोस्टिंग

विभाग ने कहा- अभी तक इस प्रकार की कोई सूचना नहीं

संवाददाता, पटना

स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न अस्पतालों में आयुष चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति की गयी है. हालांकि इस नियुक्ति लिस्ट में वैसे आयुष डॉक्टर भी शामिल हैं, जिन्होंने जिलों में योगदान भी नहीं किया है. इसमें कुछ की मृत्यु हो चुकी है, तो कुछ लोगों कहीं दूसरा काम कर रहे हैं. इनकी संख्या दर्जनभर से अधिक हैं. तकनीकी सेवा आयोग की अनुशंसा के बाद उनको मार्च 2024 में जिलों में ट्रेनिंग के लिए पोस्टिंग की गयी थी. ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद पोस्टिंग हुई है. स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव शशांक शेखर सिन्हा ने बताया कि अभी तक ऐसे चिकित्सकों के बारे में विभाग को कोई जानकारी नहीं है. योगदान के बाद जिलों से रिपोर्ट आने के बाद ही जानकारी मिल सकेगी कि किन चिकित्सकों ने योगदान नहीं किया है. राज्य में आयुष चिकित्सकों की लंबी अवधि के बाद अप्रैल 2020 में बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी किया गया. इसके बाद आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति का मामला कई बार कोर्ट में गया. कोर्ट के फैसला आने के बाद तकनीकी सेवा आयोग द्वारा मेधा सूची तैयार की गयी है. इसमें आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी के चिकित्सकों की मेधा सूची जारी की गयी. मेधा सूची में 2901 चिकित्सकों की अनुशंसा स्वास्थ्य विभाग को मिली. इसके बाद चिकित्सकों को मार्च में जिला आवंटित करके उनका प्रशिक्षण कराया गया. इस दौरान जिनको जिला भेजा गया था, उसमें दर्जनभर से अधिक चिकित्सकों ने सिविल सर्जन के यहां न तो योगदान किया और न ही ट्रेनिंग की. इसकी रिपोर्ट भी मुख्यालय को नहीं दी गयी. चिकित्सकों से मनपसंद की पोस्टिंग की मांग की गयी. इसमें भी आवेदन नहीं किया. सभी 2901 चिकित्सकों की वास्तविक स्थिति का आकलन किये बगैर उनकी पोस्टिंग कर दी गयी है. उदाहरण के लिए संतोष कुमार राय (पोस्टिंग सीरियल 1312) की मौत हो गयी है. उनकी पोस्टिंग राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज बक्सर में की गयी है. कुछ ऐसे भी चिकित्सक हैं, जो राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में भी संविदा पर काम कर रहे है और एक सीट घेर कर रखा है. उनकी पोस्टिंग हो गयी पर योगदान करने नहीं गये हैं.

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