पटना से सुबोध कुमार नंदन की रिपोर्ट
Patna Roti Bank Service: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, घर की पहली रोटी गाय के लिए होती है. लेकिन शहरों में गाय नहीं होने की वजह से धीरे-धीरे ये परंपरा खत्म हो रही थी. परंपरा को जीवित रखने और गौ सेवा करने के लिए पटना में श्री गोपी कृष्ण गौ आश्रम द्वारा शुरू की गई रोटी बैंक सेवा अब पटना में गौ सेवा और संवेदना का बड़ा अभियान बन चुकी है. इस पहल के माध्यम से प्रतिदिन करीब 1600 घरों से रोटियां एकत्र कर गौ आश्रम में रह रही वृद्ध और बीमार गौ माताओं को समर्पित की जाती हैं.
सुबह छह बजे शुरू होता है रोटी संग्रह अभियान
दनियांवा स्थित श्री गोपी कृष्ण गौ आश्रम से रोटी बैंक की विशेष गाड़ी हर दिन सुबह 6 बजे रोटी संग्रह के लिए निकलती है. इसकी शुरुआत पटना सिटी के मालसलामी हाजीगंज चौक से होती है.
55 अपार्टमेंट से एकत्र की जाती हैं रोटियां
रोटी बैंक की गाड़ी कुर्जी, बोरिंग रोड, फ्रेजर रोड, छज्जूबाग, एसपी वर्मा रोड, जमाल रोड, एक्जीबिशन रोड, कदमकुआं, राजेंद्र नगर और कुम्हरार सहित कई इलाकों में पहुंचती है. यहां करीब 55 अपार्टमेंटों से रोटियां एकत्र की जाती हैं.
Patna Roti Bank Service: अपार्टमेंट में लगाए गए हैं रोटी बॉक्स
गौ आश्रम की ओर से विभिन्न अपार्टमेंटों में स्थायी रूप से स्टील के रोटी बॉक्स लगाए गए हैं. स्थानीय लोग अपने घरों से बची हुई रोटियां इन बॉक्सों में डालते हैं, जिन्हें सुबह रोटी बैंक की गाड़ी संग्रह कर गौ आश्रम पहुंचाती है.

वृद्ध और बीमार गौ माताओं की होती है सेवा
श्री गोपी कृष्ण गौ आश्रम में केवल वृद्ध, असहाय और बीमार गौ माताओं को आश्रय दिया जाता है. यहां उनका इलाज और देखभाल माता-पिता के समान की जाती है. इसके साथ ही गोबर से कई उपयोगी गौ उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं.
बिना सरकारी अनुदान के चल रहा गौ सेवा अभियान
संस्था से जुड़े एमपी जैन ने बताया कि गोआश्रम को किसी तरह का सरकारी अनुदान नहीं मिलता और न ही संस्था किसी से चंदा मांगती है. गौ सेवा में आस्था रखने वाले लोग अपनी इच्छा और श्रद्धा से सहयोग करते हैं.
सेवा और संस्कार से लोगों को जोड़ रही पहल
रोटी बैंक सेवा सिर्फ गौ सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सेवा, संवेदना और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को मजबूत करने का काम भी कर रही है. लोगों के सहयोग से यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है.
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